कोरोना महामारी के दौर में सरकार लोगों की मदद के लिए सरकारी राशन का आवंटन कर रही है। लेकिन आम जनता का हक मारकर डीलर मोटा पैसा छाप रहे हैं। कोरोना की पहली लहर में भी चावल घोटाले की चर्चाएं खूब जोरो से हुई लेकिन कोई नतीजा सामने नही आया। इसलिए कोरोना की दूसरी लरह में सरकार पहले से मुस्तेद नजर आ रही है। एक रपट में सामने आया है कि रामनगर में एक डीलर सरकारी चावल को बेचते हुए पकड़ा गया है। सूत्रों के अनुसार रामनगर विकास खंड के अंतर्गत चिल्किया गांव में कुछ समय से डीलर द्वारा सरकारी राशन बेचे जाने की शिकायत गांव की प्रधान हेमा बिष्ट को मिल रही थी। शनिवार देर रात चावल के कट्टों से लदी टैक्टर ट्राली गांव के ही राइस मिल में जाने की सूचना मिली तो प्रधान हेमा बिष्ट कुछ लोगों के साथ राइस मिल में पहुंच गई। प्रधान ने मिल के भीतर टैक्टर ट्राली पकड़ ली ।


पूरे प्रकरण की जानकारी कोतवाल अबुल कलाम और खाद्य पूर्ति अधिकारी दीप चंद्र बेलवाल को दी गई। साथ ही सूचना पर ब्लाक प्रमुख रेखा रावत, सांसद प्रतिनिधि इंदर रावत भी मौके पर पहुंच गए। मौके पर ट्राली में 70 बोरी चावल बरामद हुए जो कि सरकारी डीलर विजय कश्यप का बताया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना था कि सरकारी डीलर जनता का राशन बेच रहा है। अब उक्त आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।