उत्तराखंड में लगातार चल रहे कर्फ्यू के कारण व्यापारी वर्ग परेशान है। जगह जगह से ऐसी खबरें निकलकर आ रही हैं जिसने लोगों के आगे रोजी रोटी का संकट खड़ा कर दिया है। निजीवाहन चालक आंदोलन कर अपने वाहनों को जलाने की बात कर रहे है, रुड़की में एक आइसक्रीम फैक्ट्री पर आमदनी न होने से बन्द होने का खतरा मंडरा रहा है, तमाम वो कारोबारी जिनका परचून या दूध-दही या दवाओं जैसा काम नही है, आजीविका के लिए संघर्ष कर रहे हैं। लेकिन सरकार है कि मानने को तैयार नही है। आज कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने साफ शब्दों में बाजार खोलने से इनकार कर दिया है।

राज्य कृषि मंत्री व प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने कहा कि बाजार बन्द करना सरकार का शौक नही है। लेकिन अभी परिस्थिति ऐसी है कि लोगों की जान की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। सुबोध उनियाल ने कहा कि अभी पुनर्विचार में पहले जिलावार कोरोना आंकड़ों की समीक्षा होगी उसके बाद ही सरकार किसी नतीजे तक पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि हम किसी भी दबाव में बाजार को खुली छूट नही देंगे और 08 जून के बाद स्थिति पर पुनर्विचार किया जाएगा। अगर स्थिति सामान्य हुई तो कर्फ्यू में धीरे-धीरे ढील दी जा सकती है।

शुक्रवार को व्यापारी वर्ग बजाएगा थाली -

व्यापारी वर्ग सरकार से लगातार बाजार खोलने की मांग पर अडा हुआ है, लेकिन सरकार है कि मानने कोतैयार नही। तो आज व्यापारियों ने नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश के आवास पर धरना प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि कोरोना संक्रमण दर में कमी के बाद भी सरकार बाजार नही खोल रही है। लगातार बाजार बन्द होने के कारण कई कारोबारी कर्ज में डूब गये हैं। व्यापारी वर्ग ने कहा कि न तो सरकार किसी प्रकार की आर्थिक मदद का ऐलान कर रही है और न ही बाजार खोलने की अनुमति दे रही है, ऐसे में उनके आगे रोजीरोटी का संकट गहराता जा रहा है। नाराज व्यापारी वर्ग ने कहा कि शुक्रवार को सभी 70 विधानसभाओं में थाली बजाई जाएगी।