कांग्रेस नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने बुधवार (2 जून, 2021) को उलेमाओं के साथ एक आभासी बैठक में दावा किया कि उत्तर प्रदेश के सभी मुस्लिम कांग्रेस के साथ आने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 2 सीटों पर वापस आ जाएगी।  सिद्दीकी ने मुसलमानों से कांग्रेस में शामिल होने का आग्रह किया और कहा कि जब भी मुसलमान कांग्रेस में शामिल होते हैं तो भाजपा दो सीटों पर सिमट जाती है। 


नसीमुद्दीन के मुताबिक उलेमाओं ने देश की आजादी की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई है। धर्मनिरपेक्षता को बचाने के लिए एक बार फिर उलेमाओं को आगे आना होगा।  मुसलमानों को कांग्रेस का समर्थन करना होगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हमारी आने वाली पीढ़ियां सुरक्षित हैं।  समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) पर हमला बोलते हुए, सिद्दीकी ने कहा कि यह इन पार्टियों के लिए नहीं है कि वे भाजपा सरकार द्वारा संविधान पर हमलों का मुकाबला करें।  दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस में शामिल होने से पहले नसीमुद्दीन सिद्दीकी खुद बसपा में थे और मायावती की सरकार में मंत्री भी थे।


उत्तर प्रदेश में 2022 में विधानसभा चुनाव होने हैं, यही वजह है कि कांग्रेस मुसलमानों को लुभाने की पूरी कोशिश कर रही है।  कांग्रेस प्रवक्ता ओंकार सिंह का कहना है कि पार्टी के हर तबके में विभाग हैं और हम सभी से बात कर उनकी समस्याओं का समाधान करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि यूपी में सपा और बसपा भी है, ऐसे में इस बयान का कोई मतलब साफ नही है। अगर मुस्लिम मतदाता सिर्फ कांग्रेस की तरफ ही क्यों जाए, या फिर उत्तर प्रदेश में महागठबंधन की तैयारी चल रही है।