प्रदेश सरकार ने भी बुधवार को 12वीं की परीक्षा के मामले में केंद्र की तर्ज पर फैसला लिया है। इससे पहले शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से मुलाकात की। इसके बाद विभागीय मंत्री की अध्यक्षता में सचिवालय में आला अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें मुख्य सचिव ओम प्रकाश, शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम और शिक्षा महानिदेशक विनय शंकर पांडेय मौजूद रहे। उच्चस्तरीय बैठक में बोर्ड की 12वीं की परीक्षा रद करने का निर्णय लिया गया। आपको बता दें कि उत्तराखंड बोर्ड में  कक्षा 12वीं में 1,22,184 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं।

अब क्या होगी आगे की रणनीति ?

उत्तराखंड बोर्ड कक्षा 12वीं के छात्रों को ठीक उसी मानक के आधार पर पास करेगा जैसा की सीबीएसई बोर्ड अपने छात्रों को। अर्थात जिस पैटर्न पर सीबीएसई बोर्ड छात्रों के अंकों का निर्धारण करेगा उत्तराखंड बोर्ड उसी पैटर्न का अनुकरण कर अपने छात्रों को पास या फैल करेगा। इस संबंध में विभाग को कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं की परीक्षा को भी रद किया जा चुका है।