मौसम विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तराखंड में मानसून लगभग 20 जून या उसके एक दो दिन पीछे दस्तक देगा। मौसम विज्ञानी रोहित थपलियाल के अनुसार उत्तराखंड में सामान्यत: मानसून 20 से 27 जून के बीच ही पहुंचता है। उन्होंने इससे पहले अच्छी प्री मानसून बारिश की भी संभावना जताई है। इस वर्ष राज्य में मानसून से पहले भी रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई है, हालांकि इसकी वजह गुजरात, पश्चिम बंगाल में उठने वाला तूफान रहा। उच्च हिमाचल क्षेत्र में वर्ष की पहली बर्फबारी भी मानसून से पहले हुई जो की अच्छी खबर है।

उत्तराखंड में बीते 16 वर्ष में चार बार मानसून एक सप्ताह विलंब से पहुंचा। तब यहां जुलाई में मानसून सक्रिय हो पाया। वर्ष 2010, 2012, 2014 और 2017 को छोड़कर हर बार मानसून समय पर पहुंचा है। ऐसे में इस बार भी 20 जून के आसपास मानसून पहुंचा रहा है। इस बीच उत्तराखंड में प्री मानसून शावर जारी हैं और मध्य जून के बाद बारिश में इजाफा हो सकता है। एक जून से 30 सितंबर तक मानसून का सीजन माना जाता है। लेकिन, मानसून की दस्तक देने से पहले होने वाली बारिश को प्री-मानसून शावर कहते हैं। उत्तराखंड में हल्की, मध्यम बारिश का सिलसिला जारी है, लेकिन जून मध्य तक प्री-मानसून शावर और तेज हो सकते हैं। 

मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष मानसून वर्षा औसत रहेगी। पिछले वर्ष प्रदेश में यह सामान्य से 20 फीसद कम रही थी इस बार इसमें सुधार का अनुमान है। सम्पूर्ण उत्तराखंड में बारिश सामान्य रहने का अनुमान है। पहाड़ी क्षेत्रों में इस बारिश से लैंड स्लाइड जैसी घटनाएं हो सकती हैं क्योंकि बारिश की सामान्य स्थिति और निरन्तरता मिट्टी की पकड़ को ढीला कर देती है इसलिए अधिकांशतः ऐसी मिट्टी अपनी पकड़ खो देती है।