पिछले दिनों हुई बारिश में पहाड़ी क्षेत्र को भारी नुकसान हुआ है। पहाड़ी क्षेत्र के राजमार्ग जगह-जगह बाधित हुए हैं। बादल फटने की अलग अलग घटनाओं में आर्थिक नुकासन भी हुआ है। हालांकि, गनीमत रही कि बारिश में किसी की जान नही गई। गढ़वाल मण्डल के मलेथा में बारिश के चलते एक जर-जर माकन  ढहने ने एक बुजुर्ग महिला की मौत हुई लेकिन जिस वक्त मकान गिरा उस समय बरसात न्धी हो रही थी। वहीं, कुमाऊं के खटीमा में पेड़ गिरने के कारण एक महिला की मौत हुई है। बारिश का नाम सुनते ही पहाड़ों पर लग सहम रहें है क्योंकि वर्षों बाद ऐसी बारिश हो रही है।

उत्तराखंड में पिछले कुछ दिन से बारिश और तेज हवा चलने का सिलसिला जारी है। सोमवार देर रात भी प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में तेज हवा के साथ बारिश हुई। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी सूचना है। इसके अलावा ऋषिकेश के पास आकाशीय बिजली भी गिरी। जिससे एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के वक्त घर में नौ लोग मौजूद थे। हालांकि, सभी सुरक्षित हैं। रुद्रप्रयाग के पास खांकरा में बदरीनाथ हाईवे करीब 50 मीटर क्षतिग्रस्त है। जिसकी मरम्मत का कार्य जारी है। 

एक बार फिर मौसम विज्ञान के अनुसार प्रदेश में बुधवार और गुरुवार को भी बारिश व अंधड़ की संभावना बन रही है। पर्वतीय क्षेत्रों में प्री मानसून का सिलसिला अगले कुछ दिन बना रहेगा। जबकि, मैदानों भी हल्की बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में मौसम की दुश्वारी से जन-जीवन अस्त-व्यस्त है। मौसम के बदले मिजाज अंधड़ और तेज बारिश के रूप में आफत बन रहे हैं।