प्रदेश भाजपा के लिए 2022 विधानसभा में कई चुनौतियां, भूकानून के साथ पहाड़ी क्षेत्र की कम आय को देखते हुए आधारभूत सुविधाओं में करनी होगी कटौती ।

2022 विधानसभा चुनाव के लिए जनता में पार्टी की जान फूंकने के लिए आम आदमी पार्टी ने कमर कस दी है। हालांकि उत्तराखंड सरकार के ऊर्जा मंत्री हरक सिंह भी 100 यूनिट प्रति माह के हिसाब से मुफ्त बिजली की घोषणा के साथ 200 यूनिट प्रति माह पर 50% बिल की कटौती की बात कह चुके हैं। लेकिन लगता है हरक सिंह ने इस घोषणा से पहले सही से प्रैक्टिस नहीं की थी। क्योंकि उत्तराखंड सरकार हर दो माह में बिल देती है तो सरकार को यह साफ करना पड़ेगा की उत्तराखंड सरकार हर बिल पर 200 यूनिट तक बिल माफ करेगी और 400 यूनिट तक के बिल पर 50% बिल की कटौती की जाएगी। अगर सरकार यह स्पष्ट नही करती तो यह माना जाएगा कि वर्तमान सरकार यह सिर्फ चुनाव जितने के लिए दिखावा कर रही है। क्योंकि सत्ता से बाहर वाली पार्टी अभी से गारंटी कार्ड देकर लोगों को आश्वस्त करने में जुट गई है।

आम आदमी पार्टी की कर्णप्रयाग  टीम ने अभियान का शुभारंभ करते हुए डोर टू डोर कैंपेन शुरू किया। संगठन मंत्री अनूप चौहान ने कहा कि अभियान के तहत कई लोगों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया और उनके गारंटी कार्ड बनाए गए। आगे भी टीमें घर-घर जाकर अभियान को तेज करेंगी। पहले दिन 20 लोगों को 300 यूनिट बिजली का गारंटी कार्ड दिया गया।

आपको बता दें कि उत्तराखंड में कुछ मुद्दे इस बार ज्वलंत है। उनमें से सबसे बड़ा मुद्दा है भू-कानून, भू-कानून के साथ प्रदेश भाजपा ने ही छेड़छाड़ की थी। 2002, 2007 और 2018 में भू-कानून से छेड़छाड़ हुई और तीनों समय भाजपा की सरकार थी। अब अगर प्रदेश भाजपा भू-कानून 1950 को वापस उसी रूप में नही लाती तो इसके परिणाम 2022 चुनाव में देखने को जरूर मिलेंगे। इसके साथ ही पहाड़ी क्षेत्र को आधारभूत सुविधाओं के लिए गारंटी प्रदान करना भी वर्ष 2022 विधानसभा के लिए एक बड़ा मुद्दा बनकर उभर रहा है।