तीर्थ पुरोहितों के भारी विरोध के बाद सरकार ने कहा नही किया जाएगा आरती का लाइव प्रसारण।

देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से चारधामों के गर्भगृह से लाइव प्रसारण न करने का निर्णय लिया गया। बता दें कि कोविड महामारी से चारधाम यात्रा बंद होने के कारण चारों धामों में लाइव प्रसारण की तैयारी चल रही थी। जिससे देश दुनिया के श्रद्धालु घर बैठे ही मंदिर के दर्शन कर सके। लेकिन तीर्थ पुरोहित इसे नियम विरुद्ध बताकर विरोध कर रहे थे जिसके बाद इस मुद्दे को हटा दिया गया है।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड की बैठक में कई महत्वूर्ण निर्णय लिए गए। चमोली जिले के जोशीमठ में बदरीनाथ वेद वेदांग स्नात्तकोतर संस्कृत महाविद्यालय की अध्ययन वाली भूमि पर वेद अध्ययन केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया। केदारनाथ धाम में पूजा व यात्रा व्यवस्था के सफल संचालन के लिए मास्टर प्लान के अनुसार आधारभूत ढांचे का निर्माण कार्य करने के लिए कंसलटेंट रखने पर बोर्ड ने सहमति दी है। यह बैठक शुक्रवार को आयोजित की गई थी।

इस बैठक में तय हुआ कि चारधामों में पुरानी परंपराएं चलती रहेंगी। सरकार का कार्य मंदिर की आंतरिक व्यवस्थाओं पर अधिकार करना नहीं है। तीर्थ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए सहयोग करना है। सरकार का मकसद मंदिर परिसरों में सुविधाओं के विकास में सहयोगी बनना है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में लोगों से वार्ता भी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा संचालित न होने की दशा में आवश्यकता पड़ने पर बोर्ड को अतिरिक्त वित्तीय सहायता दिए जाने पर भी विचार किया जाएगा।