सत्ता परिवर्तन होगा तो भंग होगा देवस्थानम बोर्ड, प्रदेश पार्टी अध्यक्ष की कमान सम्भालते ही गणेश गोदियाल का बड़ा ऐलान ।

उत्तराखंड में देवस्थानम बोर्ड जैसी व्यवस्था को चारधाम  मंदिरों पर थोपकर प्रदेश भाजपा ने बहुत भारी भूल कर दी है। इससे एक तरफ जहां भाजपा के केंद्रीय नेता सुब्रमण्यम स्वामी नाराज नजर आए वहीं तीर्थ पुरोहितों में इसको लेकर भारी रोष है। भारी विरोध प्रदर्शन के बाद भी सरकार ने जब पुरोहितों की न सुनी तो अब जवाब 2022 चुनाव के नतीजों में बदलने की आशंकाएं तेज हो गई हैं। इधर राज्य कोंग्रेस ने गणेश गोदियाल को पार्टी प्रदेश अध्यक्ष का पद देकर बड़ा दाव खेल दिया है। गौरतलब है कि पार्टी के भीतर ब्राह्मण चेहरे का अभाव था जिसको पार्टी ने गणेश गोदियाल के रूप में पूरा कर लिया है।


बुधवार को राजपुर रोड स्थित एक होटल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष गोदियाल ने कहा कि भाजपा सरकार ने तमाम ऐसे काम किए हैं जिनसे जनता के बीच हित का कम और अहित का सन्देश ज्यादा गया है। गणेश गोदियाल ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड में इन्हीं फैसलों में से एक है। इस फैसले से तीर्थ पुरोहितों के सम्मान को जो धक्का लगा है उससे नाराज पुरोहितों जब इस बोर्ड का विरोध किया तो सरकार ने गैरजिम्मेदाराना बर्ताव किया।

गणेश गोदियाल ने कहा कि जब मैं मंदिर समिति का अध्यक्ष था, तब समिति की कमाई 40 करोड़ रुपये सालाना थी। यदि सही प्रबंधन हो तो समिति के रहते ही कमाई भी बढ़ाई जा सकती है और चारधाम आने वाले श्रद्धालुओं को उचित सुविधाएं भी मुहैया कराई जा सकती हैं। गणेश गोदियाल ने कहा कि हम सरकार से देवस्थानम बोर्ड को वापस लेने की सिफारिश करते हैं। लेकिन, यदि सरकार नहीं मानती तो 2022 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आएगी और सबसे पहले इस बोर्ड को निरस्त करने का काम करेगी।