नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी बुधवार को संसदीय रक्षा समिति से बहिर्गमन कर गए। राहुल गांधी ने कथित तौर पर रक्षा समिति के समक्ष डोकलाम (डोकलाम) सहित अन्य सीमा मुद्दों पर चर्चा की मांग की थी, लेकिन उनकी मांग को खारिज कर दिया गया था। जिसके बाद रक्षा समिति की बैठक से राहुल गांधी समेत कांग्रेस के सांसद बाहर आ गए।

राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य सांसदों ने कथित तौर पर रक्षा समिति के समक्ष वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चर्चा की मांग की थी, लेकिन समिति के अध्यक्ष ने उनकी मांग को खारिज कर दिया। जिसके बाद राहुल कांग्रेस सांसदों के साथ बैठक से उठे और वॉकआउट कर गए। इससे पहले पिछले साल दिसंबर में राहुल गांधी ने रक्षा समिति की बैठक से भी वाकआउट किया था। उस समय चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत कमेटी को डिफेंस यूनिफॉर्म की जानकारी दे रहे थे।

इसी बीच राहुल ने उन्हें रोका और पूछा कि लद्दाख में हमारी क्या तैयारी है। चीन के खिलाफ हमारी रणनीति क्या है? इसकी चर्चा होनी चाहिए। समिति के अध्यक्ष जुएल ओराम द्वारा राहुल को बीच में बोलने से रोकने के बाद राहुल बैठक से उठे और बाहर चले गए। उनके साथ कांग्रेस के कई सांसद भी थे। बाद में उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर कहा कि उन्हें बैठक में बोलने की अनुमति नहीं दी गई जो कि गैर-लोकतांत्रिक है और उनके अधिकारों का उल्लंघन है।