दिल्ली दौरे पर गये मुख्यमंत्री के आगे चुनौती बना अरविंद केजरीवाल का बयान, चुनावी स्टंट बताकर बचते नजर आए प्रदेश मुख्यमंत्री धामी।

उत्तराखंड में हरक सिंह रावत ने 100 यूनिट मुफ्त बिजली का ऐलान क्या किया कि अरविंद केजरीवाल और पुष्कर सिंह आमने सामने आ गये हैं। उत्तराखंड में बिल हर दो माह में लिया जाता है ऐसे में आप कार्यकर्ता पहले ही इस बयान को हास्यास्पद बता चुके हैं। अब केजरीवाल ने सवाल दागा तो पुष्कर सिंह धामी के पास देने के लिए जवाब नही है। गौरतलब है कि जवाब पुष्कर सिंह धामी दे भी क्यों, राज्य में इससे पहली सरकार कांग्रेस की नीतियां भी सही नही रही हैं। फिर बीजेपी के पुराने नेताओं ने भी कभी राज्य के विकास पर ध्यान नही दिया। 


आज दुर्भाग्य ये है कि छोटे बड़े कई डैम होने के बाद भी न तो हम अपने गांवों को ही पानी दे सके और न मुफ्त बिजली। जबकि राज्य से पानी भी दूसरे राज्य को बेचा जा रहा है और बिजली भी। ऐसे में अरविंद केजरीवाल का सवाल अपनी जगह सही भी है। जब एक ऐसे राज्य को वे बिजली-पानी निःशुल्क दे रहें है जिसके पास न पानी अपना न बिजली अपनी, तो उत्तराखंड सरकारें क्यों जनता से गद्दारी करती रही। केजरीवाल ने कहा कि ऐसा प्रदेश जो खुद बिजली बनाकर बेच रहा है, अपने नागरिकों को निःशुल्क बिजली नही दे पा रहा है। वजह क्या है ?

राज्य के नव निर्मित मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी भी दिल्ली दौरे पर हैं और यह बयान उनके दिल्ली दौरे के वक्त ही आया है। ऐसे में उनके पास कोई ठोस जवाब था नही तो उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी यह चुनावी माहौल बनाने के लिए कर रही है। हमारा ध्यान राज्य के विकास पर है न की चुनाव पर। खैर, विकास पर कितना ध्यान है ये तो तीन मुख्यमंत्री बदलते ही समझ आ जाता है। लेकिन सवाल यह है कि एक ऐसा राज्य जो उत्तराखंड से दोगुनी आवादी को पाल रहा है, बिना खुद के संसाधनों के और बिना सेवाओं को प्रभावित किये लगातार निःशुल्क सेवा दे रहा है। तो क्या ये मान लिया जाय कि अन्य राज्यों में भ्रष्ट तंत्र काम कर रहा है। और अगर नही कर रहा है तो पैसा जा कहां रहा है ?