नई दिल्ली: पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को बीजेपी संसदीय दल की बैठक में सांसदों से बात की।  बैठक में इस पर भी चर्चा हुई कि कांग्रेस जानबूझकर नकारात्मक माहौल बना रही है, जबकि हकीकत यह है कि देश में वैक्सीन की कोई कमी नहीं है।  साथ ही प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस का व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है। हालांकि खुद ही  प्रधानमंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि आज भी दिल्ली में 20 फीसदी फ्रंटलाइन योद्धाओं का टीकाकरण नहीं हुआ है। तो जब वैक्सीन की कमी नही है तो 20 फीसदी फ्रंटलाइन योद्धाओं का टीकाकरण क्यों नही हुआ ? हालांकि यह कहकर मोदी यह जताना चाहते थे कि इसके लिए केजरीवाल सरकार जिम्मेदार है लेकिन जिस सरकार ने 80% फ्रंटलाइन योद्धाओं का टीकाकरण किया उसको 20% फ्रंटलाइन योद्धाओं का टीका रोककर क्या हासिल होगा।


इसके साथ ही सांसदों को 24-25 जुलाई को पीडीएस की दुकानों पर जाने को कहा गया है, जहां 80 करोड़ लोगों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने सांसदों से कहा कि वे बार-बार लोगों को सच्चाई बताएं और सरकार का काम समझाएं। पीएम ने सांसदों से कहा कि कांग्रेस हर जगह खत्म हो रही है लेकिन उन्हें अपनी नहीं हमारी चिंता ज्यादा है। कांग्रेस अब हमें पचा नहीं पा रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना हमारे लिए स्थिति नहीं इंसानियत की बात है।  पहले महामारी से पहले कम भूख से ज्यादा लोगों की मौत होती थी, लेकिन हमने ऐसा नहीं होने दिया।  प्रधानमंत्री ने कहा कि असम, केरल और बंगाल में कांग्रेस हार गई, लेकिन फिर भी नींद नहीं आई।  उन्हें अपनों से ज्यादा हमारी चिंता है।  केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि कांग्रेस को लगता है कि सत्ता उनका अधिकार है और वे इसी मानसिकता के मुताबिक काम करते हैं। प्रधानमंत्री चाहते हैं कि संसद में चर्चा लाभदायक हो, कांग्रेस सदनों को बाधित कर सबसे गैर जिम्मेदाराना व्यवहार कर रही है।

पूरी बैठक में महंगाई, तेल की कीमतों और रोजगार जैसे मुद्दों पर कोई बात नहीं हुई। प्रधानमंत्री के आचरण से ऐसा लगा जैसे वर्तमान केंद्र सरकार के लिए सिर्फ विपक्षी दल कांग्रेस ही सबसे बड़ा मुद्दा है। पेट्रोल-डीजल पर एक शब्द नहीं, खाद्य पदार्थो की कीमतों को लेकर एक शब्द नहीं, युवाओं को रोजगार कैसे दें, इस पर एक शब्द नहीं, बस पूरी बैठक में कांग्रेस पर ही चर्चा रही ।