दिल्ली दौरे पर गये मुख्यमंत्री ने कि स्वस्थ्य सेवाओं में कांग्रेस द्वारा स्थापित एम्स ऋषिकेश की तारीफ, कहा मोदी जी एक एम्स कुमाऊँ मण्डल को भी दे दीजिए।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी दिल्ली दौरे पर हैं। 2022 विधानसभा चुनाव को लेकर यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। अब आप इसको शिष्टाचार भेंट कहो या 2022 की चुनावी रणनीतिक वार्ता, बात एक ही है। पीएम से हुई बातों में कोई नई विशेष बात मुख्यमंत्री की तरफ से सामने नही आई। कुछ पूर्व से चल रही योजना को गिनाते हुए मुख्यमंत्री धामी यह भी भूल गये शायद कि ऋषिकेश एम्स भाजपा नही बल्कि कांग्रेस सरकार की देन है। धामी ने ऋषिकेश एम्स जैसी सेवाओं के लिए धन्यवाद भी किया। इस वार्ता से पता चलता है कि प्रदेश नेतृत्व के पास विकास मुद्दों का अभी भी अभाव है। दरअसल, एम्स ऋषिकेश 2012 में स्थापित हो गया था और सीएम धामी ने कहा कि केंद्र के सहयोग से राज्य में हेल्थ सेक्टर में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। एम्स ऋषिकेश उत्तराखंड को केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण देन है। सवाल तो यह है कि भाजपा कार्यकाल में प्रदेश को कितने ऐसे हस्पताल मिले ?

खैर यह भाजपा की पुरानी आदत है कांग्रेस की योजनाओं को नाम बदलकर लागू करना, या उनके कार्यकाल में हुए प्रयासों पर खुद की पीठ थपथपाना। बताया जा रहा है कि सीएम धामी का मिलने का समय महज 15 मिनट तय था लेकिन जब वार्ता शुरू हुई तो 1 घण्टे और 15 मिनट तक वार्ता चली। वार्ता में राज्य के बारे में क्या क्या बातें हुई आपको बिंदु वत समझाते हैं ।

१- कुमाऊँ में एम्स की स्थापना का आग्रह:- अगर केंद्र इस पर विचार करता है और कुमाऊँ को एम्स जैसी स्वास्थ्य सेवा देता है तो यह इस मुलाकात का सबसे अहम हिस्सा माना जाएगा। राज्य के दोनों मण्डलों में एम्स जैसे हस्पताल होने चाहिए क्योंकि प्रदेश भौगोलिक चुनौतियों का समान कर रहा है।

२- लखवाड़ परियोजना पर चर्चा:- यह कोई नया विषय नही है। इस प्रोजेक्ट को 04 फरवरी 2021 से पहले ही केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रलय ने हरी झंडी दे दी है। इसलिए इसको सीएम धामी का प्रयास गिनना उचित नही होगा ।

३- केदारनाथ मंदिर परिसर का जीर्णोद्धार:- यह मुद्दा भी पहले से ही चल रहा है। एक चरण का कार्य पूर्ण भी हो चुका है। दूसरे चरण में लगभग 109 करोड़ की लागत से पुनर्निर्माण कार्य शुरू होने हैं। इसके लिए सीएम धामी ने पीएम मोदी से शुभारंभ के लिए समय मांगा।

बस यही तीन मुद्दे हैं जिनको राज्य हित में गिना जा सकता है। इसके अलावा चारधाम और कांवड़ यात्रा पर चर्चा हुई। राज्य भाजपा सरकार पहले कांवड़ यात्रा रद्द करने की बात कर चुकी है । लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि उत्तराखंड सरकार से ज्यादा उत्तर प्रदेश सरकार की चलती है इसलिए योगी ने पहले ही कांवड़ यात्रा की घोषणा कर दी थी। सीएम ने कहा की जुलाई के तीसरे हफ्ते में कांवड़ यात्रा प्रस्तावित है। इसके लिए सीएम ने दिल्ली जाकर पीएम से सुझाव मांगे।

बेरोजगारी पर कोई वार्ता नही, महंगाई पर कोई वार्ता नही। इसलिए हमने पहले ही लिखा था आप इसको शिष्टाचार भेंट समझें या चुनावी भेंट बात एक ही है। इस मुलाकात में सिर्फ एक मुद्दा अच्छा था, वह था कुमाऊँ मण्डल को एम्स मिले। क्योंकि हर वक्त एयर लिफ्ट या एम्बुलेंस से ऋषिकेश एम्स तक पहुंचना सम्भव नही है।