2022 विधानसभा चुनाव के मध्यनजर प्रदेश सरकार देवस्थानम पर संशोधन के लिए तैयार, तीर्थ पुरोहितों ने किया फैसले का सम्मान । कहा अगर सरकार सही संशोधन करेगी तो खत्म होगा आंदोलन।


चारधाम मंदिरों के लिए स्थापित देवस्थानम बोर्ड पर झुकी सरकार। लगातार हो रहे विरोध के बाद अब भाजपा सरकार को लगने लगा है कि 2022 चुनाव में इसका खामियाजा उठाना पड़ सकता है, इसलिए अब सरकार संशोधन के लिए तैयार हो गई है। आपको बता दें कि इससे पहले चार साल रहे पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने कहा था कि सरकार के निर्णय इतनी आसानी से नहीं बदले जाते हैं। हालांकि "पहाड़ समीक्षा" ने एक माह पूर्व ही अपने लेख में कहा था कि 2022 विधानसभा के मध्यनजर देवस्थानम बोर्ड पर सरकार अवश्य झुकेगी। 

अब यही होता नजर आ रहा है। कल दोपहर उत्तरकाशी पहुंचे मुख्यमंत्री के सामने भाजपा मुर्दाबाद के नारे लगे। इससे पहले चमोली पहुंचे त्रिवेंद्र सिंह रावत को जनता ने काले झंडे दिखाए। इससे साफ है कि प्रदेश भाजपा की छवि कहीं न कहीं धूमिल जरूर है। देवस्थानम के गठन के बाद से तीर्थ पुरोहितों में भी सरकार के प्रति नाराजगी है। ऐसे में अब प्रदेश भाजपा केंद्र सरकार पर संशोधन के लिए दबाव बना रही है। कल उत्तरकाशी पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार देवस्थानम बोर्ड एक्ट में संशोधन के पक्ष में है। इसके लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित की जा रही है।

पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बोर्ड को लेकर तीर्थ पुरोहितों व मन्दिर परिसर अधिकारियों में संशय बना हुआ है। उन्हें लग रहा है कि सरकार मंदिरों पर अपना अधिकार करना चाह रही है। सीएम ने कहा कि सरकार का उद्देश्य मंदिरों व धामों में बेहतर व्यवस्थाएं बनाना है। राज्य के लिए चारधाम यात्रा आर्थिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण है। गंगोत्री धाम के तीर्थ पुरोहितों ने सीएम पुष्कर सिंह धामी के चारधाम देवस्थानम बोर्ड पर पुनर्विचार का आश्वासन दिए जाने का स्वागत किया है। गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने कहा कि बोर्ड पर पुनर्विचार के लिए उच्चस्तरीय कमेटी का गठन होते ही वह आंदोलन समाप्त कर देंगे।