24 जुलाई से हरिद्वार सीमा पर होगा सख्त पहरा, कांवड़ यात्रा प्रतिबंध के मध्यनजर लिया गया है फैसला।

हरिद्वार में बॉर्डर थानों के साथ कांवड़ मेले के प्रतिबंध के संबंध में पुलिस महानिरीक्षक कानून व्यवस्था की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया जाएगा। इसमें अन्य राज्यों के बॉर्डर से लगे जनपदों के रेंज अधिकारियों को बुलाया जाएगा। बैठक में संयुक्त रूप से टैंकरों के माध्यम से गंगाजल भेजे जाने पर विचार किया जाएगा। इससे पहले ही कांवड़ संघ और समितियों से वार्ता कर उन्हें प्रतिबंध के बारे में बताया जाएगा। 24 जुलाई से हरिद्वार के बॉर्डर कांवड़ियों के लिए सील कर दिए जाएंगे।

पुलिस मुख्यालय में हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में डीजीपी ने कहा कि कांवड़ मेलेे को प्रतिबंधित किया गया है, जिसके अनुपालन के लिए एक एसओपी संबंधित जिलाधिकारी के साथ मिलकर बना ली जाए। यदि कोई कावंड़िया सड़क पर दिखाई देता है तो उसे सम्मान पूर्वक सड़क से उतारा जाए और बस व अन्य माध्यमों से वापस भेजा जाए। देहरादून, हरिद्वार, टिहरी और पौड़ी गढ़वाल जिलों में इंफोर्समेंट टीमों का गठन करने के निर्देश दिए। ट्रेनों से आने वाले कांवड़ियों को रोकने के लिए ट्रेनों को हरिद्वार से पहले पड़ने वाले स्टेशनों पर रोका जाएगा।

आपको बता दें कि सरकार की तरफ से कांवड़ यात्रा प्रतिबंधित की गई है। ऐसे में अब पुलिस की जिम्मेदारी है कि बॉर्डर सुरक्षा को सख्त करे। डीजीपी का कहना है कि कांवड़ पर आए लोगों से विनम्रता से पेश आए। बहुत अधिक आवश्यकता पड़ने पर ही करवाई की जाए।