हरदा ने कहा जिसको कहेंगे वही होगा मुख्यमंत्री का चेहरा, प्रीतम सिंह ने कहा मेरे चेहरे में क्या है खराबी ?

आज कल कांग्रेस पार्टी में हरीश रावत आलाकमान के साथ अहम भूमिका में हैं। पंजाब में चली आ रही उठापटक को शांत करवाने के बाद अब बारी उत्तराखंड में चल रही उठापटक को शांत करने की है। आलाकमान पहले ही गेंद हरदा के पाले में फेंक चुकी है। प्रदेश में 2022 में चुनाव हैं इसलिए मुख्यमंत्री का चेहरा साफ होना भी बेहद जरूरी है। हरदा के समर्थक नेता चाहते हैं कि 2022 चुनाव में भी सीएम का चेहरा हरदा ही हों लेकिन पार्टी के भीतर मौजूद उनके विरोधी नहीं चाहते है हरदा मुख्यमंत्री का चेहरा हों। ऐसे में हरदा का एक बयान जिसने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है, सामने आया है। हरदा ने पत्रकार वार्ता में कहा कि मैं जिसे चाहूंगा वही चेहरा 2022 में मुख्यमंत्री का दावेदार होगा।


बस उनके इस बयान के बाद नेता प्रतिपक्ष का चेहरा घोषित हुए प्रीतम सिंह ने भी लगे हाथ एक बयान जारी कर दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के लिए मेरा चेहरा क्या बुरा है ? हालांकि पार्टी में गुटबाजी की खबरों को प्रीतम सिंह ने साफ नकार दिया। प्रीतम सिंह ने आज फिर दोहराया कि विधानसभा चुनाव सामूहिक नेतृत्व में ही लड़े जाएंगे। चुनाव के बाद ही हाईकमान और विधायक दल आगे फैसला लेंगे। नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने  कहा कि प्रीतम का लंबे राजनीतिक व संसदीय अनुभव है। अध्यक्ष के रूप में सड़क पर और विधायक के रूप में सदन में जनहित मुद्दों पर प्रीतम सिंह सदैव सरकार को घुटने टेकने को मजबूर करते रहे हैं।  

देखा जाय तो सीएम के चेहरे को लेकर विवाद भी इन्हीं दो चेहरों को लेकर है। दरअसल, पार्टी में कुछ लोग हरदा समर्थक हैं और कुछ प्रीतम, दोनों ही नेता एक लम्बा राजनीतिक सफर तय भी कर चुके है। ऐसे में आलाकमान का हरदा को किंग मेकर की भूमिका में रखना इस ओर इशारा कर रहा है कि 2022 चुनाव में वह स्वयं चेहरा न रहकर किसी और को चेहरा घोषित करेंगे। सूत्रों से खबर है कि प्रदेश को यह भी उम्मीद है कि कुछ बागी नेता चुनाव के बाद घर वापसी कर सकतें हैं। इसलिए अभी इस फैसले में लम्बा समय लग सकता है। क्योंकि यह चुनाव का गोल्डन पीरियड है जहां पर जोड़तोड़ के तमाम विकल्पों को खुला रखना पार्टी की मजबूरी है।