हरीश रावत और नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह के समर्थकों में मंगलवार को कांग्रेस भवन के गेट पर नारेबाजी करने को लेकर लात-घूंसे चले।

मंगलवार को कांग्रेस भवन के गेट कांग्रेसियों का नजारा देखने वाला था। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे प्रीतम सिंह को उनके समर्थक युवा कांग्रेस के स्थानीय पदाधिकारी कंधे पर बिठाकर राजपुर रोड स्थित कांग्रेस भवन की ओर नारेबाजी करते हुए आ रहे थे। उसी समय कांग्रेस भवन के गेट के बाहर युवा कांग्रेस हरिद्वार ग्रामीण के पदाधिकारियों ने हरीश रावत जिंदाबाद के नारे लगाना शुरू कर दिया। प्रीतम सिंह के समर्थक पार्टी कार्यालय के गेट के पास पहुंचे तो हरीश रावत के समर्थक उनके बीच घुसकर नारेबाजी करने लगे।

यह देखकर प्रीतम सिंह के समर्थक नाराज हो गए। जिसके बाद प्रीतम सिंह के समर्थकों ने युवा कांग्रेस हरिद्वार ग्रामीण के प्रदेश महामंत्री परवेज आलम और उनके एक दर्जन समर्थकों को जूते-चप्पलों से पीटना शुरू कर दिया। मामले को बढ़ता देख पुलिस ने मामला शांत करवाया। इसके बाद प्रीतम सिंह मंच पर पहुंचे और आगे का कार्यक्रम शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष गणोश गोदियाल के सम्मान के लिए बनाए गए मंच पर भी बीच-बीच में प्रीतम सिंह और हरीश रावत के समर्थक आमने-सामने आकर अपने-अपने नेता के पक्ष में नारेबाजी की। 

कांग्रेस में चल रही गुटबाजी से पार्टी की छवि खराब है। 2022 चुनाव के मध्यनजर कांग्रेस पार्टी बाहरी दिखावा जरूर कर रही है लेकिन सच कुछ और ही है। पार्टी 2022 में वापसी को लेकर उतनी चिंतित नजर नहीं आ रही जितना की चेहरों को लेकर चिंताएं बनी हुई है। देखा जाय तो कांग्रेस का पतन का कारण भी चेहरों की राजनीति ही है। ऐसे में समर्थकों का आपस में ही भिड़ना बताता है कि पार्टी में अभी भी चेहरों को लेकर बेहद संघर्ष चल रहा है।