भारी बारिश के बाद चमोली जिले में बढ़ी मुश्किलें, दर्जनों सड़कें हुई बन्द। अधिक बारिश के कारण मुश्किल में पड़ सकती है बद्रीनाथ-केदारनाथ यात्रा।

चमोली जिले में बारिश और बिजली गिरने से नुकासन की कई खबरें प्रकाश में आई हैं। शनिवार रात को हुई मूसलाधार बारिश से कोटेड़ा के कोटीपार गांव में एक गोशाला के ऊपर मलबा आने से 05 बकरियां दबकर मर गईं और पानी की लाइन व कृषि योग्य भूमि भी बह गई। वहीं नागाड़ तोक में बिजली गिरने से गांव के पुष्कर सिंह की 03 व राम सिंह की 01 बकरी मर गई। लगातार हो रही बारिश के चलते घेस घाटी के घेस, हिमनी, बलाण व पिनाऊं गांव अंधेरे में हैं। क्योंकि भूस्खलन के बाद कई जगह से बिजली के पोल ही गिर गये हैं। पिंडर घाटी के 200 गांवों की बिजली भी रही गुल,भूस्खलन और चट्टान आने से हाईवे समेत कई मार्ग हुए बंद।


यात्रा बन्द है फिर भी कई लोग श्री बद्रीनाथ के दर्शनों के लिए जा रहें है। लगातार चेतावनी के बाद भी लोग नही मान रहें है। पुलिस अब तक  पांडुकेश्वर से सैकड़ों लोगों को लौटा चुकी है। बारिश के इस मौसम में बद्रीनाथ हाइवे पर यात्रा करना जोखिम भरा हो सकता है। चमोली जिले में बद्रीनाथ हाईवे गुलाबकोटी, पागल नाला और हनुमान चट्टी के पास मलबा आने से बाधित रहा। गुलाबकोटी और हनुमानचट्टी में हाईवे सुबह छह से आठ बजे तक बाधित रहा। जबकि पागलनाले में हाईवे सुबह नौ बजे खोला गया। इसके अलावा जिले के अंतर्गत करीब 29 सड़कें बाधित हुई हैं।

बारिश से पीएमजीएसवाई की पोखरी-हापला-गोपेश्वर मार्ग सलना रैसू और अंधेरगड़ी में मलबा आने से बंद हो गया। कहीं पर मलबा आने से तो कहीं पर सड़क का पुश्ता धंसने से जौरासी-तोणजी, पोखरी-पैणी गुजासू और लोक निर्माण विभाग के हापला गुडम-नैल नौली, जिलासू-आली, सेमी-मासूम और थौली-थाल मार्ग बंद हैं। हालांकि प्रशासन सभी बन्द मार्गो को खोलने के लिए कार्य कर रहा है लेकिन मानसून जब तक राज्य में रहता है तब तक ऐसी स्थितियां पैदा होती रहेंगी।