देश की रक्षा में शहीद हुए उत्तराखंड के लालों को प्रदेश वासियों ने किया याद। आपनों को खो चुके परिजनों की भर आईं आंखे ।

गांधी पार्क स्थित शहीद स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए मुख्यमंत्री धामी सहित कई नेता पहुंचे। कारगिर युद्ध में उत्तराखंड के लालों ने निभाई थी अहम भूमिका। उधर, कारगिल विजय दिवस की 22 वीं वर्षगांठ पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने ऋषिकेश में रेलवे रोड पर स्थित कारगिल शहीद मनीष थापा के स्मारक पर माल्यार्पण कर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। 


कारगिल शौर्य दिवस के अवसर पर शहीद पार्क में वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के साथ वीरनारियों को सम्मानित भी किया गया। इस दौरान अफसरों ने कहा कि देश की सुरक्षा और पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर करने वाले भारतीय सेना के वीर जांबाजों के योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता। इनकी सहादत अमर रहेगी। इस दौरान पूर्व सैनिकों ने भारत माता के जयकारे भी लगाये।

आपको बता दें कि भारतीय इतिहास का यह वो महत्पूर्ण दिन है जिस दिन हमारे देश के महान वीर सपूतों ने मातृभूमि की रक्षा करते हुये अपने प्राणो का बलिदान देकर 26 जुलाई 1999 को कश्मीर के कारगिल में पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेडा था। नापाक हरकत करने वाले पाकिस्तान को आज भी कारगिल युद्ध याद आता है तो उसकी रूह कांप उठती है। भारतीय सेना का लोहा देश ही नही बल्कि विदेशों में भी माना गया। आज भारत सुरक्षा के लिहाज से टॉप देशों में सुमार है और वजह है भारतीय सेनाएं। पहाड़ समीक्षा देश के सैनिकों व शहीदों को कोटी कोटी नमन करता है।