उत्तराखंड पहाड़ी क्षेत्र में लगातार बढ़ रही अराजकता, भूकानून जैसी व्यवस्था न होने से बाहरी राज्यों के मुसलमानों की तेजी से बढ़ रही संख्या। 

राज्य में लगातार बढ़ रही अराजकता के बीच अब हिन्दू मंदिरों के आसपास भी मुस्लिम पैर पसारने से बाज नहीं आ रहे हैं। राज्य में भूकानून जैसी धारा का न होना, पहले ही उत्तर प्रदेश और अन्य राज्य के मुसलमानों के लिए शरणास्थली बना हुआ है। प्रदेश भाजपा सरकार की वर्ष 2002 से और अब तक की गलत नीतियों की वजह से उत्तराखंड भूकानून जैसी व्यस्वथा से वंचित हो गया। अब परिस्थियां ऐसी हो गई हैं कि कभी मौलवी अनाप-सनाप बयान दे रहें हैं तो कभी मुस्लिम मंदिर क्षेत्र में ही नमाज अदा कर रहें है। मामले में कारवाई न होने से खिन्न बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने बुधवार को जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया। संगठन ने इस मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।


कार्यकर्ताओं ने कहा कि हिंदुओं के प्राचीन तीर्थ स्थल बद्रीनाथ में गैर हिंदु धार्मिक गतिविधियां पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। इसके बावजूद क्षेत्र में नमाज पढ़कर साम्प्रदायिक माहौल को खराब करने की कोशिश की गई है। इस मामले में अभी तक कोई कानूनी कारवाई नहीं की गई है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे इस मामले में चुप नहीं बैठेंगे। बुधवार को हुए प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया है।