आउटसोर्सिंग एजेंसी का कार्य भूमिका निभाएगा सेवायोजन विभाग। राज्य सरकार के पास नही युवाओं को रोजगार देने के लिए कोई नीति।

उत्तराखंड में रोजगार के नाम पर सरकार के पास कोई ठोस नीति नही है। पूर्व में हरक सिंह ने एक बयान दिया था जिसके बाद बेरोजगार युवाओं ने इस पर कड़ा विरोध जताया था। हरक सिंह रावत ने कहा था कि राज्य सरकार नियुक्तियों के लिए सेवायोजन विभाग के जरिए एक नई आउटसोर्सिंग एजेंसी बना रही है, जिससे राज्य के युवाओं को विभागों में नौकरी दी जा सके। इस बयान का बेरोजगारों ने विरोध करते हुए कहा था कि उपनल, नेहरू युवा केंद्र, पीआरडी जैसी एक और आउटसोर्सिंग एजेंसी बनाकर सरकार उनके स्थायी नौकरी के सपने को तोड़ने का काम कर रही है।

 

राज्य के सेवायोजन कार्यालयों में वर्तमान में 8,07,722 बेरोजगार युवा पंजीकृत हैं। जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 7,78,077 था। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या को आउटसोर्स के माध्यम से भी रोजगार दे पाना काफी अधिक मुश्किल भरा साबित होगा। अफसरों के मुताबिक, करीब 25 से 30 साल पहले भी सेवायोजन विभाग के पास विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा रिक्त पदों को भरे जाने की डिमांड की जाती थी। इसके बाद संबंधित जिले का सेवायोजन विभाग अपने यहां से अर्हताधारी पंजीकृत बेरोजगारों की सूची उस विभाग को देता था।

अब आउटसोर्सिंग एजेंसी का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया है। उम्मीद है कि यह कैबिनेट में पास होगा।कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही शासनादेश जारी होगा। अन्य आउटसोर्सिंग एजेंसी की तरह ही सेवायोजन विभाग भी कार्य करने लगेगा। इसके माध्यम से विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को आउटसोर्स के तहत भरा जाएगा।