मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों तक बारिश से नहीं मिलेगी राहत। चारधाम सहित 200 से अधिक सड़कें चल रही हैं बाधित। मैदानी क्षेत्रों में नदियों के बढ़ते जल स्तर को देखते हुए बाढ़ चौकियों को अलर्ट पर रहने की निर्देश जारी।

चारधाम यात्रा मार्गों के साथ ही करीब 200 संपर्क मार्ग बारिश और भूस्खलन की वजह से बाधित चल रहे हैं। इनमें से कुछ पर कल शाम के वक्त यातायात सुचारु हो गया था। संपर्क मार्ग टूटने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन में दिक्कतें पेश आ रही हैं। जबकि मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डा. बिक्रम सिंह ने अगले पांच दिनों में देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी बारिश की उम्मीद जताई है।

लगतार हो रही बारिश के कारण राज्य पर्यटन भी काफी प्रभावित हुआ है। कैम्पटी फाल में उफान को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से पर्यटकों को वहां नहीं जाने दिया जा रहा है। जबकि आसपास की आबादी को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है। पहाड़ों से मैदानी क्षेत्र तक हो रही बरसात के कारण हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा चेतावनी रेखा के करीब बह रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य में 50 से अधिक गांवों में बिजली, पानी की आपूर्ति और सड़क यातायात प्रभावित चल रहा है।

उत्तरकाशी, नई टिहरी, चमोली, बागेश्वर में एक जूनियर हाईस्कूल समेत कई आवासीय भवन भूस्खलन और भू-कटाव के चलते खतरे की जद में आ गए हैं। जिला प्रशासन ने इनमें से कुछ परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है। पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। हरिद्वार में चेतावनी रेखा 293 मीटर से तीन मीटर नीचे बह रही है। मंदाकिनी, अलकनंदा, पिंडर और सरयू और इनकी सहायक नदियां उफान पर हैं। सुरक्षा के लिहाज से बाढ़ चौकियों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए है।