आधार कार्ड के लिए अब नही जाना पड़ेगा आधार केंद्र, पोस्टमैन निभाएंगे अहम जिम्मेदारी। इसके साथ ही इन्सुरेंस में भी बढ़ेगी अहम भूमिका।

संचार के इस दौर में पोस्टमैन अब खाली हो गये हैं। संचार की त्वरित गति और ईमेल, व्हाट्सअप जैसे माध्यमों ने डाकिया सेवा पर 90% तक ब्रेक लगा दिया। आज कुछ ही सेवाओं में डाक का उपयोग हो रहा है। पहले मनीऑर्डर में भी पोस्टऑफिस और पोस्टमैन अहम भूमिका निभाते थे लेकिन अब डिजिटल दौर में धीरे धीरे अब खत्म हो गया है। ऐसे में सरकार ने तय किया है कि अब पोस्टमैन को प्रशिक्षण देकर अन्य कार्यों के लिए तैयार किया जाएगा।


पोस्टमैन, उत्तराखंड में पहले चरण में पांच साल तक के बच्चों के कार्ड बनाने का काम करेंगे। पोस्टमैन को आईडी मुहैया करवाई जा रही है। जल्द ही इसके लिए प्रशिक्षण देकर सेवा शुरू कर दी जाएगी। इसके साथ ही दूसरे चरण में वयस्कों के मोबाइल नम्बर अपडेट और पता अपडेट के लिए भी पोस्टमैन घर पर ही सेवा देंगे। तीसरे चरण में पोस्टमैन इंश्योरेंश सेवाओं में भी भूमिका निभाएंगे।पोस्टमैन के घर-घर जाकर शून्य से पांच साल तक के बच्चों का आधार बनाने और मोबाइल नंबर अपडेट करने का शासनादेश जारी हो गया है। 

गढ़वाल व कुमाऊँ को मिलाकर अब तक लगभग 80 पोस्टमैन को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अकेले कुमाऊँ मण्डल में 65 पोस्टमैन को आधार ईडी जारी कर दी गई है। इस ओर प्रशिक्षण कार्य तेजी से चल रहा है। आने वाले दिनों में यह एक अच्छा लदम साबित होगा।