सफाई आंदोलन में महिलाओं ने गलत आरोप लगाकर पुरुष सफाई कर्मी की पिटाई। उपचार के बाद पीड़ित ने दर्ज करवाया मुकदमा तो सच सामने आने पर खुली महिलाओं की पोल ।

उत्तराखंड में आजकल सफाई कर्मी अपनी मांगो को लेकर आंदोलन पर हैं। लेकिन कर्मचारी हितों के लिए शुरू हुए आंदोलन में शनिवार को अचानक एक महिला ने दूसरे सफाई संगठन के नायक की धुनाई कर दी। जिसके बाद गार्ड रूम में घुसे नायक को भीड़ ने बाहर खींचकर लाठी, हेलमेट, चप्पलों से पीटा। महिला कर्मचारियों का आरोप है कि सफाई नायक ने उनके साथ अभद्रता की। हंगामा बढ़ते देख कुछ देर में मौके पर भारी पुलिस बल जुट गया। 

वहीं पीटने के बाद पीडि़त राजेंद्र बेस अस्पताल में मेडिकल कराने के बाद समर्थकों के साथ कोतवाली पहुंच गए। आंदोलित कर्मचारियों पर गाली-गलौच व सफाई कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया। पीडि़त राजेंद्र ने चार महिलाओं समेत दस लोगों के खिलाफ मारपीट की नामजद तहरीर दी है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस को वीडियो में मारपीट में सफाई नायक की संलिप्तता नहीं मिली। जिसके बाद देर रात कुल पांच लोगों को हिरासत में ले लिया गया था। महिलाओं को नोटिशदेकर  छोड़ दिया गया है।

पुलिस के अनुसार मारपीट व काम में बाधा डालने के आरोप में गोलू, बबली, सीमा, कृष्णा, मंजू, अनीता, रोहित, अमित, जयप्रकाश, आजाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। राजेंद्र ने पुलिस को बताया  कि शनिवार सुबह वह अपने बेटे समेत कुछ अन्य कर्मियों के साथ महिला डिग्री कॉलेज के पास कूड़ा उठाने गए थे। हड़ताली कर्मचारियों ने गाली गलौच कर कूड़ा नहीं उठाने दिया गया। बाद में चार कर्मचारी नेताओं के इशारे पर महिलाओं ने मारपीट की।