तबादले के बाद सीमा जौनसारी का बेतुका निर्णय, कहा शिक्षकों को सोशल मीडिया पर सरकार के खिलाफ टिप्पणी करने का अधिकार नहीं। 

अचानक हुए तबादलों से जहां हर कोई सोच में पड़ गया था और वरिष्ठता को ताक पर रखने की बात कर रहा था, के पीछे की वजह अब साफ हो गई है। दरअसल, सरकार ऐसे लोगों को उच्च पदों पर बिठाना चाहती थी जो उनके इशारों पर कार्य कर सकें। मंगलवार को एक ऐसा निर्णय लिया गया है जिसने उत्तराखंड में लोकतंत्र का गला घोंट दिया है। और यह फैसला लेने वाली अधिकारी हैं शिक्षा निदेशक सीमा जौनसारी। उनके इस निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण ही माना जाएगा क्योंकि उनके अनुसार सोशल मीडिया पर सरकार के खिलाफ लिखना उचित नही है। इससे साफ हो गया है कि सीमा जौनसारी अब सरकार की तरफ से बैटिंग कर रहीं हैं।


मंगलवार को विभागीय अधिकारियों और सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक में सीमा जौनसारी ने कहा कि ऐसे शिक्षकों पर नजर रखें जो सरकार के खिलाफ इंटरनेट मीडिया या अन्य माध्यम से टिप्पणी करते हैं। उन्होंने कहा कि कई जगह से विभाग को ऐसी शिकायत मिली हैं। कार्मिक नियमावली में इसका स्पष्ट उल्लेख है कि कोई भी कार्मिक सरकार के खिलाफ ऐसी कोई टिप्पणी नहीं करेगा। अब यह समझना मुश्किल हो गया है कि गिने चुने लोग तो सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ लिखतें है बोलते हैं, अब अगर किसी को भी सरकार के खिलाफ बोलने का अधिकार नहीं है तो साफ है कि गर्त में जा रही शिक्षा के लिए सीमा जौनसारी जैसे लोग को ही जिम्मेदारी लेनी चाहिए।