शिव प्रसाद डबराल जी के सार्थक प्रयास से बची 25 वर्षीय महिला पर्यटक की जान, हमें गर्व है उत्तराखंड पुलिस पर कि हमारे पास ऐसे महान लोग पुलिस पदों पर कार्यरत हैं।

 

ऋषिकेश में तैनात उपनिरीक्षक शिवप्रसाद डबराल ने बता दिया कि उत्तराखंड के नागरिकों को आदर्श यूं ही नही माना जाता है। उन्होंने समय समय पर अनेक महान कार्य किये हैं और आज भी करते हैं। उत्तराखंड ही एक ऐसा राज्य है जहां आज भी अतिथि देवो भवः को सार्थक होते देखा जा सकता है। उत्तराखंड वासियों के इतने कुशल व्यवाहार के बाद भी बाहरी राज्यों के युवक प्रदेश के लोगों के साथ दुर्व्यवहार करतें हैं, धार्मिक स्थलों पर अश्लीलता पूर्वक नाच व नशीले पदार्थो का सेवन करतें हैं। उत्तराखंड पुलिस के उपनिरीक्षक शिवप्रसाद डबराल ने रक्तदान कर एक पर्यटक महिला की जान बचाई। महिला गर्भपात के कारण नाजुक स्थिति में थी। उपनिरीक्षक  दो घंटे इंतजार कर महिला के लिए रक्तदान किया। इससे महिला की जान बच पाई। यह उन लोगों के मुह पर तमाचा है जो उत्तराखंड की जनता और पुलिस के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं।

बताया जा रहा है कि दिल्ली से एक 25 वर्षीय महला उत्तराखंड में घूमने के लिए आई थी। वह गर्भधारण की स्थिति में थी। महिला को अचानक गर्भपात जैसी स्थिति पैदा हुई तो ऐम्स ऋषिकेश में दाखिल करवाया गया। ऐम्स में पता चला कि महिला को खून की सख्त जरूरत है। लेकिन महिला का ब्लड ग्रुप ओ नेगेटिव (O-) था। आपको बता दें कि ओ नेगेटिव एक रेयर ब्लड ग्रुप का खून है जो आसानी से न हस्पतालों में मिलता है और न ढूंढने पर। एक 25 वर्षीय महिला का जीवन में खतरे में है यह बात जैसे ही ड्यूटी पर तैनात उपनिरीक्षक शिव प्रसाद डबराल  को पता चली वे सीधे ऐम्स पहुंच गये।

 
उपनिरीक्षक शिव प्रसाद डबराल ड्यूटी पर थे इसलिए जब वे ब्लड देने पहुंचे तो उसका बीपी बढ़ा हुआ था। आमतौर पर भागदौड़ से मनुष्य बीपी बढ़ा रहता है जो थोड़ा आराम के बाद साधारण स्थिति में आ जाता है। बढ़ा बीपी देखकर डॉक्टरों ने रक्त दान करने से इनकार कर दिया तो उपनिरीक्षक शिव प्रसाद डबराल ने दो घण्टे वहीं पर इंतजार किया।  बार बार पानी पिया और खुद को रिलेक्स किया, दो घण्टे बाद जब बीपी नार्मल आया तो उन्होंने रक्त दान किया और 25 वर्षीय महिला की जान बच गई। पहाड़ समीक्षा उपनिरीक्षक शिव प्रसाद डबराल जी को कर्तव्य निष्ठा व उच्च इंसानी चेतना का परिचय देने के लिए कोटी-कोटी नमन करता है।