केंद्रीय मंत्री बन सकतें है तीरथ सिंह रावत, भाजपा के लिए 2022 का रण जितना बेहद जरूरी इसलिए केंद्रीय मंत्रिमंडल में हो रहा है विस्तार।

उत्तराखंड सीएम की गद्दी से हाल ही में हटाए गये तीरथ सिंह अब केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करने वाले चेहरों में शामिल हो गए हैं। खबर है कि इस लिस्ट में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, बीजेपी मीडिया सलाहकार अनिल बलूनी और नैनीताल से सांसद अजय भट्ट  नाम भी शामिल है। प्रदेश में 2022 में विधानसभा चुनाव होने हैं ऐसे में केंद्रीय नेतृत्व हर सियासी खेल को सोच समझकर खेलना चाहता है जिससे अधिक लाभ मिल सके।


दरअसल, इस बीच राज्य की भाजपा सरकार में नेतृत्व परिवर्तन के दो बड़े सियासी घटनाक्रम हुए। इसी वर्ष मार्च में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की विदाई हुई। उनके स्थान पर गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत को मुख्यमंत्री पद की कमान सौंपी गई। अब उपचुनाव को लेकर संवैधानिक संकट का हवाला देते हुए तीरथ को भी भाजपा हाईकमान ने रुखसत कर प्रदेश की बागडोर दूसरी बार के विधायक पुष्कर सिंह धामी को सौंप दी। इन सब के बीच जनता में कहीं न कहीं निराशा पैदा हुई है। इसी निराशा को आशा में बदलने के लिए और लोगों में भोरोसा बनाये रखने के लिए केंद्र सरकार यह बड़ा खेल खेल रही है। सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश से भी कुछ चेहरों को केंद्र में शामिल करने की योजना है क्योंकि वहां भी आगामी साल में चुनाव होने हैं।

वर्तमान में उत्तराखंड से हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल निशंक शिक्षा मंत्री हैं। ऐसे में माना जा रहा कि राज्य से केंद्रीय मंत्रिमंडल में कुछ और प्रतिनिधित्व देकर पार्टी यह संदेश देने का प्रयास करेगी कि उसके लिए उत्तराखंड महत्वपूर्ण है। इस लिहाज से देखें तो गढ़वाल सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत का दावा मजबूत माना जा रहा है। क्योंकि उनको अचानक मुख्यमंत्री पद से हटाने को लेकर भजपा की रणनीति पर कई सवाल ए निशान लग गये हैं।