शून्य सत्र होने के कारण आचार सहिंता का हवाला देते हुए मुख्य सचिव ने मई में तबादलों से किया था इनकार, अचानक हुए शिक्षा विभाग में ताबड़तोड़ तबादले लेकिन वरिष्ठता का नही रखा गया ध्यान।

प्रदेश बेसिक और माध्यमिक शिक्षा निदेशक आरके कुंवर को सीमा जौनसारी की जगह अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण का निदेशक बनाया गया है। वहीं, सीमा जौनसारी को माध्यमिक शिक्षा और रामकृष्ण उनियाल को प्रारंभिक शिक्षा का निदेशक बनाया गया है। प्रदेश में शून्य सत्र के बावजूद बंपर तबादले किए गए हैं। डॉ. मुकुल कुमार सती देहरादून के नए मुख्य शिक्षा अधिकारी होंगे। सती को सीईओ देहरादून का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।  प्रभारी अपर निदेशक प्रारंभिक शिक्षा वीरेंद्र सिंह रावत को गढ़वाल मंडल का अपर निदेशक प्रारंभिक शिक्षा बनाया गया है।जबकि इस पद पर कार्यरत एसपी खाली को अपर निदेशक गढ़वाल मंडल पौड़ी से शिक्षा निदेशालय देहरादून लाकर प्रभारी अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा के पद के साथ ही अपर निदेशक प्रारंभिक शिक्षा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। 


इसके अलावा समग्र शिक्षा के अपर राज्य परियोजना निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती को इस पद के साथ ही मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। मुख्य शिक्षा अधिकारी आशा पैन्यूली को सीईओ के पद से हटाकर संयुक्त निदेशक एससीईआरटी बनाया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा उत्तरकाशी जितेंद्र सक्सेना को इस पद से हटाकर उन्हें डायट प्राचार्य उत्तरकाशी बनाया गया है।  और इस पद पर पूर्व से तैनात विनोद कुमार सिमल्टी को  सीईओ उत्तरकाशी के साथ-साथ उन्हें जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक शिक्षा उत्तरकाशी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। 

तबादलों के बाद शिक्षा विभाग में खलबली मच गई है। क्योंकि एक तो वरिष्ठता का कोई पैमाना इन तबादलों में नजर नही आया। दूसरा, मुख्य सचिव के 24 मई 2021 के आदेश में कहा गया है कि निर्वाचन आचार संहिता एवं प्रशासनिक कारणों को छोड़कर इस सत्र में कोई तबादले नहीं किए जाएंगे। अब शून्य सत्र रहने के बाबजूद ताबड़तोड़ तबादले से हर कोई शन्न हैं। शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम के मुताबिक विभाग में वंदना गर्ब्याल वरिष्ठ हैं, यही वजह है कि उन्हें बेसिक शिक्षा का निदेशक बनाया जाना था। इसके लिए शासन की ओर से प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन शिक्षा मंत्री ने उन्हें निदेशक बनाने के प्रस्ताव को निरस्त कर दिया। मंत्री की ओर से वंदना के बजाए रामकृष्ण उनियाल को निदेशक बनाने की सिफारिश की गई।