वेतन न मिलने से उत्तराखंड परिवहन कर्मचारी परेशान, 14 जुलाई से कार्य बहिष्कार का लिया है फैसला।

उत्तराखंड में कोरोना की मार से हालात बेहद खराब हो गए हैं। लगभग तीन माह से ठप पड़े उत्तराखंड परिवहन के पास कर्मचारियों को देने के लिए वेतन नही है। बताया जा रहा है कर्मचारियों का 05 माह का वेतन निगम के ऊपर बकाया है। इस समस्या का हल निकालने के लिए सरकार ने आधे वेतन में कटौती की बात निगम के आगे रखी तो रोडवेज कर्मचारियों में सरकार के खिलाफ नाराजगी है। पांच माह के वेतन का भुगतान करने के बजाय आधा वेतन दिए जाने पर परिवहन निगम कर्मी आक्रोशित हैं। 


मांगे पूरी करने को लेकर निगम कर्मियों ने बुधवार 14 जुलाई से कार्यबहिष्कार का एलान कर दिया है। राज्य निगम कर्मचारी-अधिकारी महासंघ ने भी समर्थन किया है। हालांकि अभी वार्ता का विकल्प खुला रखा गया है। कर्मचारियों का कहना है कि उनके आगे आर्थिक संकट पैदा हो गया है और सरकार पांच माह के वेतन की जगह आधे वेतन में कटौती की बात कर रही है।

अपनी मांग को रखते हुए कर्मचारियों ने कहा कि अधिकांश कर्मचारियों ने विभिन्न कार्यों के लिए बैंक लोन लिया हुआ है। ऐसे में वे अपना घर, बच्चों की स्कूल शुल्क और बैंक को किस्तों का निर्वहन कैसे करें। अगर सरकार उनको आधा वेतन देती भी है तो इससे उनका बोझ कम नही होने वाला है। कर्मचारी संगठन का कहना है कि इस सन्दर्भ में मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से वार्ता की जाएगी।  अगर मांगों को नही माना गया तो बसों का चक्का जाम किया जाएगा।