पार्टी में चल रही गुटबाजी को लेकर हरीश रावत ने कहा कि नेतृत्व एक दिन या पोस्टर पर चेहरा छापने से तय नहीं होता । फालतू बयानबाजी से बचने की दी सलाह ।

कांग्रेस में चल रही गुटबाजी से 2022 विधानसभा चुनाव में पार्टी की लुटिया डूब सकती है। पार्टी के अंदर हर किसी की राय अलग-अलग होने के कारण पार्टी एक जुट होकर कार्य करने में सक्षम नजर नहीं आ रही है। अब कांग्रेस प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव ने शनिवार को फिर दोहराया कि पार्टी विधानसभा चुनाव सामूहिक नेतृत्व में एकजुट होकर लड़ेगी। जबकि धारचूला विधायक हरीश धामी के बाद अब राज्यसभा सदस्य प्रदीप टम्टा ने कहा कि हरीश रावत ही मुख्यमंत्री का चेहरा होंगे।


कांग्रेस हाईकमान ने अगले विधानसभा चुनाव के लिए पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस महासचिव हरीश रावत को चुनाव अभियान समिति की जिम्मेदारी सौंपी है। हरीश रावत को यह जिम्मेदारी मिलने से उनके समर्थकों में उत्साह है। धारचूला विधायक हरीश धामी कह चुके हैं कि अगले चुनाव में हरीश रावत को पार्टी ने चेहरा घोषित किया है। शनिवार को राज्यसभा प्रदीप टम्टा ने अपने बयान में कहा कि हरीश रावत मुख्यमंत्री का चेहरा होंगे। लेकिन खेमों में बंटी प्रदेश कांग्रेस के कुछ लोगों को यह बात हजम नही हो रही है।

इन सब के बाद हरीश रावत ने दो नसीहत दी हैं। पहली की कांग्रसी फालतू की बयानबाजी से बचें और दूसरी बात उन्होंने नेतृत्व को लेकर कही। हरदा ने नेताओं व कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए कहा कि नेतृत्व एक दिन में नहीं बनता और न ही एक पोस्टर से खड़ा होता है। राज्य में केवल अध्यक्ष पद पर चेहरा बदला है। नेतृत्व आज भी वही पुराना है। इसलिए कोई भी जाने या अनजाने में पार्टी का माहौल बिगाडऩे का प्रयास न करें।