लगातार बाधित चल रही स्कूल शिक्षा को लेकर सरकार ले सकती है जल्द फैसला, कक्षा 06 तथा उससे ऊपर की कक्षाओं को खोलने के लिए बनाई जा रही है रणनीति।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग प्रथम चरण में कक्षा छह से बड़ी कक्षाओं के छात्रों को 50 % क्षमता के साथ आने की अनुमति दी जा सकती है। बेसिक की कक्षाओं के लिए भी रोस्टर पर कार्य चल रहा है। हालांकि मंगलवार को आईसीएमआर ने पहले प्राइमरी स्कूल खोलने की सलाह दी है। प्रदेश में कर्फ्यू में ढील देते हुए सिनेमा हॉल, मनोरंजन पार्क, स्वीमिंग पूल, ऑडिटोरियम आदि को 50% क्षमता के साथ खोलने की अनुमति सरकार पहले ही दे चुकी है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि अब कक्षा छह से स्कूली शिक्षा भी पटरी पर लौट आएगी।


आपको बता दें कि मार्च-अप्रैल 2020 से राज्य के शैक्षिक संस्थान बंद हैं। नवंबर 2020 में 10वीं और 12वीं कक्षा को खोलने की अनुमति दी गई थी पर बाद में कोरोना की दूसरी लहर आने की वजह से स्कूलों को दोबारा बंद कर दिया गया। कोरोना संक्रमण में गिरावट के बाद 12 जुलाई से शिक्षकों वापस स्कूल बुला लिया गया था लेकिन स्कूली शिक्षा अभी भी ऑनलाइन माध्यम से ही चल रही है। हालांकि, शिक्षक इसका पहले ही विरोध कर चुके हैं और बच्चों को स्कूल बुलाने की मांग कर रहे हैं। 

क्योंकि अभी कोरोना का खतरा टला नहीं है और एक लहर की पूर्व घोषणा से सरकार बच्चों को स्कूल भेजने में कतरा रही है। लेकिन लगातार दो साल से बाधित चल रही शिक्षा के कारण बच्चों की शिक्षा पर इसका गलत असर हो रहा है। अन्य कई राज्य पहले ही स्कूल खोलने के निर्देश जारी कर चुके हैं। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि अगस्त से स्कूलों को खोलने के निर्देश राज्य सरकार जारी कर सकती है।