उत्तराखंड से दिल्ली के लिए बस सेवा शुरू, उत्तर प्रदेश से इजाजत न मिलने के बाद हिमांचल प्रदेश से होगा बसों का संचालन ।

अप्रैल से ठप पड़ा उत्तराखंड परिवाह अब दिल्ली तक बस भेजने की योजना में जुट गया है। क्योंकि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में एक दूसरे के लिए अपनी सीमाएं बन्द कर रखी हैं इसलिए परिवहन विभाग ने हिमांचल प्रदेश से बसों के संचालन के लिए मंजूरी मांगी थी जिस पर हिमाचल की मंजूरी मिलने के बाद अब उत्तराखंड के लिए वाया पांवटा, चंडीगढ़ व यमुनानगर के लिए बस संचालन का रास्ता साफ हो गया है। इधर डाटकाली पर उत्तर प्रदेश के वाहनों को देहरादून में घुसने की इजाजत नही है लेकिन उत्तर प्रदेश परिवहन के वाहन उत्तराखंड की सीमाओं तक लगातार सवारियां छोड़ रहे हैं। उत्तराखंड परिवहन द्वारा उत्तर प्रदेश की इस हरकत पर शिकायत की खबरें भी आई लेकिन अभी भी उत्तर प्रदेश की बसें डाटकाली तक सवारियां ढो रही हैं।


उत्तराखंड परिहवन द्वारा गुरुवार सुबह से चंडीगढ़, धर्मशाला और शिमला, हरिद्वार और ऋषिकेश से बस संचालन शुरू हो गया है। अब ऐसे में दिल्ली, गुरुग्राम व फरीदाबाद के लिए रोडवेज अधिकारी उत्तर प्रदेश के बजाय हिमाचल व हरियाणा होकर बस चलाने की तैयारी में हैं। आपको बता दें कि उत्तराखंड परिवहन को दिल्ली, राजस्थान व हरियाणा में बस उत्तर प्रदेश की सीमा से होकर ले जानी पड़ती है, जबकि चंडीगढ़ व पंजाब के लिए उत्तराखंड परिवहन हिमाचल प्रदेश की सीमाओं से होकर बस संचालन करता है।

उत्तर प्रदेश ने देहरादून से कुमाऊँ के लिए बस संचालन पर जब मंजूरी नही दी तो उत्तराखंड ने भी उत्तर प्रदेश की बसों को राज्य में घुसने से इनकार कर दिया। लेकिन उत्तर प्रदेश के सरकारी वाहन फिर भी उत्तराखंड की सीमा तक सवारी छोड़ रहे हैं। ऐसे में सीमा पर न कोई कोरोना चैकिंग बैरियर है न कोई रोक टोक। हर दिन सैकड़ो लोग उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड की सीमाओं में दाखिल हो रहें हैं। ऐसे में किसी मानक का न होना कोरोना की तीसरी लहर के लिए खतरे की घण्टी से कम नही है। परिवहन विभागों के आपसी झगड़े में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि उत्तराखंड में ऐम्स जैसे हस्पतालों की कमी है इसलिए उत्तर प्रदेश के नागरिक इलाज के लिए उत्तराखंड में आते हैं। आज जब बस सुविधा ठप है तो ऐसे में इलाज के लिए आ रहे लोगों को भी खासी दिक्कतों से गुजरना पड़ रहा है।