उत्तराखंड में राजनीतिक उतल-पुथल, शनिवार को हो सकता है बड़ा ऐलान। अगले मुख्यमंत्री की कमान समाल सकतें है सतपाल महाराज, दौड़ में डॉ धन सिंह का नाम भी शामिल।

उत्तराखंड में सियासी संकट, मुख्यमंत्री तीरथ सिंह ने भाजपा अध्यक्ष जे.पी नड्डा को पत्र लिखकर इस्तीफा देने का आग्रह किया। क्या कुछ कहा मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने, आप भी पढ़े। तीरथ सिंह रावत ने पत्र में कहा है कि आर्टिकल 164-ए के हिसाब से उन्हें मुख्यमंत्री बनने के बाद छ महीने में विधानसभा का सदस्य बनना था, लेकिन आर्टिकल 151 कहता है कि अगर विधानसभा चुनाव में एक वर्ष से कम का समय बचता है तो वहा पर उप-चुनाव नहीं कराए जा सकते हैं। उतराखंड में संवैधानिक संकट न खड़ा हो, इसलिए मैं मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देना चाहता हूं। अब इस्तीफा वह स्वयं देना चाहते हैं या आलाकमान उनसे दिलवा रही है, इसके पीछे का खेल समझ में नही आ रहा है। क्योंकि उनको दिल्ली बुलाया गया था न कि वे स्वयं गये थे।


प्रेस वार्ता में सीएम तीरथ बस हाल में जारी की गई सरकारी पदों की विज्ञप्तियों का हवाला ही देते रहे। इस्तीफे पर पूछे गये सवाल पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नही दी। आपको बता दें कि तीरथ सिंह के अलावा सतपाल महाराज और डॉ धनसिंह रावत को भी दिल्ली बुलाया गया था। अटकलों का बाजार गर्म है, सूत्र अगला चेहरा इन्हीं दो में से होने की तरफ इशारा कर रहे हैं। शनिवार सुबह 11 बजे सभी विधायकों को देहरादून बुलाया गया है। 99% परिस्थिति तीरथ सिंह को हटाने की तरफ इशारा कर रही हैं। क्योंकि वे वर्तमान समय में पौड़ी लोकसभा सीट से सांसद हैं, लेकिन उन्हें मुख्यमंत्री बने रहने के लिए किसी सीट से विधानसभा चुनाव जीतना जरूरी था। लेकिन कोरोना के चलते अब उनके उपचुनाव में जीत की अटकलों पर ब्रेक लगती नजर आ रही है। 

शनिवार को देहरादून में 03 बजे दोपहर में विधानमंडल की बैठक होगी। गौरतलब है कि सीएम तीरथ अपनी कुर्शी को लेकर इशारा कर चुके हैं। उन्होंने आर्टिकल 151 का हवाला भी दिया और साथ ही कोरोना को लेकर मीडिया को एक बयान भी दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि पिछले एक साल से कोरोना की वजह से अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है। उत्तराखंड भी इससे अछूता नहीं है। इसका मतलब यही है कि कोरोना के चलते उन्हें उपचुनाव लड़ने के लिए पर्याप्त समय नही मिला क्योंकि मुख्यमंत्री बने 10 सितंबर को छह महीने पूरे हो जाएंगे। कोविड-19 की परिस्थितियों की वजह से उत्तराखंड में उप-चुनाव भी अभी तक नहीं हुए हैं। संभावनाएं जताई जा रही हैं कि अब अगला चेहरा सतपाल या धनसिंह में से कोई एक हो सकता है।