चेहरे से ज्यादा महत्व इस बात का है कि आप किस पार्टी में जा रहे हैं। विकास का मतलब ही पार्टी समझतें हैं उत्तराखंड के युवा। कर्नल अजय कोठियाल का विरोध बताता है कि राज्य का युवा कितना भ्रमित स्थिति में जी रहा है।

उत्तराखंड की राजनीति में आजकल सियासी रंग छाए हुए हैं। एक तरफ सीएम तीरथ को लेकर अटकलों की सियासत हो रही है तो दूसरी तरफ आम आदमी में शामिल हुए कर्नल कोठियाल को लेकर लोगों की अलग अलग प्रतिक्रिया आ रही हैं। दरअसल, दो दिन पहले आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता नवीन पिरशाली ने कहा कि विधानसभा चुनाव से सालभर पहले नेतृत्व परिवर्तन करने वाली भाजपा को 57 विधायकों में से एक भी ऐसा काबिल व्यक्ति नहीं मिला जिसे मुख्यमंत्री बनाया सा सकता था। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर गंगोत्री विधानसभा सीट पर उपचुनाव में तीरथ सिंह खड़े हुए तो आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता कर्नल अजय कोठियाल उनको सीधी टक्कर देंगे। बस फिर क्या था इसके बाद फेसबुक और ट्विटर पर लोगों की प्रतिकयाएँ सामने आने लगी।

कुछ लोग कर्नल कोठियाल के पक्ष में लिखने लगे तो कुछ लोग सीएम तीरथ सिंह के पक्ष में। दरअसल, कर्नल अजय कोठियाल उत्तराखंड के युवाओं के लिए साफ छवि का चेहरा हैं लेकिन कुछ युवाओं को उनके आम आदमी पार्टी में सम्मिलित होने पर नाराजगी है। कुछ लोगों ने आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाते हुए लिखा कि अगर आम आदमी को वोट किया तो पहाड़ी क्षेत्र पर भी एक जाती विशेष को बढ़ावा मिलेगा जो की राज्य के लिए अच्छा नही है। गौरतलब है कि भाजपा एक हिन्दू वादी विचारधारा पार्टी की छवि बनाने में कामयाब रही है। इसलिए जिन लोगों को केवल यही सबसे बड़ा मुद्दा नजर आता है, वह कर्नल कोठियाल के विरोध में सुर मिलाते नजर आए।

यहां समझने वाली बात यह भी है कि लोग साफ चेहरे से ज्यादा उस पार्टी को अहमियत दे रहे हैं जहां हिंदुत्व का नारा साथ हो। राज्य ने पांच साल में दो-दो ऐसे मुख्यमंत्री देख लिए जिनको लोग उनका नाम एक विशेष संज्ञा के साथ सम्बोधित करते हैं। उस नाम के साथ में एक फेसबुक पेज भी 93 हज़ार फॉलोवर के साथ मौजूद है। फिर भी आज राज्य में साफ चेहरे और कर्मठता के लिए आवाज नही उठ रही है। वजह, लोग पहले धर्मगत सुरक्षा चाहते हैं।

सामाजिक सुरक्षा का न्यूनतम समर्थन गारंटी देने वाली दिल्ली सरकार को उत्तराखंड गढ़वाल मण्डल के लोग एक अलग ही नजरिए से देख रहें है। "पहाड़ समीक्षा" गढ़वाल में आम आदमी पार्टी के चुनाव परिणामो को लेकर कई लेख लिख चुका है। जिसमें साफ लिखा गया है कि आम आदमी पार्टी गढ़वाल मण्डल में अच्छी स्थिति में नही है। हाँ, कुमाऊँ में पार्टी अच्छा करने के स्थिति में है। इसलिए पार्टी को चाहिए कि कुमाऊँ मण्डल पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करे। जब कर्नल कोठियाल जैसे लोगों का भी विरोध हो रहा है तो उन चेहरों की क्या पहचान जिनको कर्नल कोठारी जैसी लोकप्रियता हासिल न हो।