भारत सरकार का ध्यान तालिबान के शासन की शुरुआत से ही अफगानिस्तान में फंसे अपने लोगों को निकालने पर रहा है।  अब तक भारतीय दूतावास के अधिकारियों, कर्मचारियों, सुरक्षाकर्मियों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है।  अन्य भारतीयों को वापस लाने की तैयारी अब चल रही है, रिपोर्ट्स के मुताबिक, काबुल में भारतीय दूतावास में करीब 1,650 भारतीयों ने मदद मांगी है।


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अफगानिस्तान में फंसे भारतीयों के लिए विदेश मंत्रालय की ओर से हेल्पलाइन नंबर, ई-मेल आईडी जारी किए गए थे। इस बीच करीब 1,650 भारतीयों ने घर वापसी के लिए मदद मांगी है।  माना जा रहा है कि अब जब तालिबान का राज शुरू हो गया है तो संख्या बढ़ सकती है।  भारत ने बीते दिन तक करीब 150 लोगों को निकाला है।  इनमें ज्यादातर भारतीय दूतावास में काम करने वाले लोग हैं।  लेकिन अन्य हिस्सों में फंसे भारतीय कर्मचारियों और अन्य लोगों को निकालने के भी प्रयास किए जा रहे हैं।

काबुल में फंसे कई फैक्ट्री कर्मचारियों और अन्य लोगों ने पिछले दिन सरकार से अपील की थी कि उन्हें सुरक्षित निकाल लिया जाएगा।  उत्तर प्रदेश के गाजीपुर, गाजियाबाद, उत्तराखंड के देहरादून और दिल्ली के लोग अफगानिस्तान में काम के सिलसिले में वहां गए थे।