भारी बारिश के बाद बागेश्वर में स्थिति असामान्य, 25 हजार की आवादी बारिश के कारण प्रभावित। अब तक कुल 07 मकान बारिश से हुए ध्वस्त।

वर्ष 2021, उत्तराखंड के लिए बारिश के लिहाज से काफी भयावाह रहा है। प्रदेश भर में सड़कों की स्थिति बेहद खराब है। यहां तक की स्वयं शीतकालीन राजधानी की सड़के गढ्ढों में तब्दील हो गई हैं। हालांकि सड़कों की मरमत के लिए सरकार ने निगम को जिम्मेदारी का ऐलान करते हुए 40 करोड़ धनराशि देने की बात कही है। लेकिन, फिलहाल बारिश से सड़कों की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। बारिश से पहाड़ी जिलों का ज्यादा ही बुरा हाल है। अधिकांश सड़कें बन्द पड़ी हुई है। उचित व्यवस्था के अभाव में कई ग्रामीण सड़कों को खोलने वाला भी कोई नहीं। ऐसी ही कुछ तस्वीरें बागेश्वर जिले से निकलकर आई हैं।


अधिक बारिश के कारण जिले के गरुड़, काफलीगैर और बागेश्वर तहसील में 07 मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कुल 21 लोग बेघर बताए जा रहे हैं । जिस में से कुछ ने पड़ोसी  तो कुछ ने प्राथमिक विद्यालयों में शरण ले रखी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में 11 सड़कों पर बोल्डर और मलबा आने से यातायात भी बाधित है। जिन सात लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं उनमें जैंसर निवासी मोहनी देवी पत्नी गिरीश चंद्र पांडे, भतड़िया गांव की ममता देवी पत्नी हीरा सिंह,भतड़िया गांव की देवी पत्नी कुंदन सिंह , जोशीपालड़ी गांव निवासी मनमोहन सिंह पुत्र नैन सिंह,खुल्दौड़ी गांव में कौशल्या देवी पत्नी चंद्र सिंह  और जौलकांडे गांव में मुन्ना पुत्र नाथू राम व विनोद कुमार पुत्र मोहन राम शामिल हैं।

पिछले 24 घंटे में कपकोट में 55 और बागेश्वर में 20 एमएम बारिश रिकार्ड हुई है। जिले में लगातर हो रही बारिश के कारण गरुड़-द्यौनाई, कपकोट-पोलिंग, भयूं-गढ़ेरा, कांडे-थपलिया-पैंसिया, बागेश्वर-दफौट, असों-बकसूना, कंधार-सिरमोली-लोहागड़ी, बिजोरीझाल-ओलखसों, धपोली-जेठाई, कठपुड़ियाछीना, सिमगढ़ी मोटर मार्ग पूरी तरह से ठप हैं। सड़को के बन्द होने के कारण जिले की 25 हजार आवादी प्रभावित है। इधर लोगों की मदद के लिए प्रशासन कंट्रोल रूम 24 घंटे संचालित कर रहा हैं।