04 व 05 अगस्त बारिश के लिहाज से पड़ सकतें हैं भारी। दोनों दिन सम्पूर्ण जिलों में अलर्ट जारी। पहाड़ी रास्तों पर जाने से पहले जान ले रास्ते का हाल ।

राज्य में बारिश का सिलसिला आगे भी जारी रहने का पूर्वानुमान है। राज्य में भारी से बहुत भारी बारिश के अनुमान को देखते हुए पूरे प्रदेश को ऑरेंज अलर्ट पर रखा गया है। इस दौरान पहाड़ों में भारी भूस्खलन, चट्टान खिसकने, मलबा आने से सड़क मार्ग पर यातायात अवरुद्ध होने, नदी नालों में अतप्रिवाह, निचले व मैदानी इलाकों में जलभराव की विपरीत परिस्थितियों का सामना लोगों को करना पड़ सकता है।  आज यानी सोमवार को कुमाऊं क्षेत्र के जिलों समेत चमोली, रुद्रप्रयाग व पौड़ी जिलों में कहीं कहीं तीव्र बौछार के साथ भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जबकि 04 व 05 अगस्त को राज्य के सभी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का आशंका है।

आपको बता दें कि बीते रविवार को राज्य के कई हस्सिों में काफी बारिश हुई है। जिसमें बागेश्वर के लिति, सोंग, लोहारखेत, पिथौरागढ़ के धारचुला, मुन्स्यारी, रुद्रप्रयाग के चोपता, उधमसिंहनगर के सुल्तानपुर पाटी, देहरादून में तीव्र बौछार के साथ बारिश हुई थी। देहरादून में रविवार को अधिकतम तापमान 30.2 व न्यूनतम 24.9 डिग्री सेल्सियस तक रहा। 02 व 03 अगस्त को कुमाऊं के जिलों के साथ ही चमोली, देहरादून, रुद्रप्रयाग व पौड़ी जिलों में कहीं कहीं तीव्र बौछार व भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

इधर, बद्रीनाथ हाईवे पर चमोली जिले में करीब 13 भूस्खलन जोन सक्रिय हैं, जिस कारण अक्सर मलबा आने से हाईवे बंद हो जाता है। लामबगड़ के पास खचड़ा नाला, गोविंदघाट के पास टैया पुल, पागल नाला, सेलंग, गुलाबकोटी, हनुमान चट्टी के पास रडांग बैंड, भनेरपाणी, चाड़ातोक, क्षेत्रपाल, छिनका, चमोली चाड़ा, बाजपुर और कर्णप्रयाग के पास आए दिन मलबा आ जाता है। इसके अलावा अन्य जगह पर भी मलबा आने से हाईवे बंद हो जाता है। संपर्क मार्गों की स्थिति तो और भी बुरी है। इन दिनों जिले में करीब 24 संपर्क मार्ग बंद पड़े हैं।