लक्ष्मणझूला पुल की जगह लेगा हल्का वाहन पुल। केंद्रीय सहायता के साथ तैयार होगा भव्य पुल। 

लोनिवि की रिपोर्ट के आधार पर 12 जुलाई 2019 को लक्ष्मणझूला पुल को आवाजाही के लिए बन्द कर दिया गया था। लक्ष्मणझूला पुल अपनी समयावधि तक सेवा देने के बाद इस स्थिति में नहीं था कि अब और भार सहन कर सके। इसलिए लोक निर्माण विभाग ने जांच के बाद पुल पर आवाजाही को खतरनाक बताया था। पहले सरकार पुराने झूलापुल की जगह पर नया झूलापुल स्थापित करना चाहती थी। लेकिन, अंत में इसको हल्के वाहनों की आवाजाही के लिए बनाने का फैसला लिया गया।

अब पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रस्तावित नए मोटर झूला पुल को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। सेंट्रल रोड फंड से इस पुल का निर्माण होगा। एक माह के भीतर टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद मोटर पुल का काम शुरू होने की उम्मीद है। अभी लक्ष्मणझूला- स्वर्गाश्रम क्षेत्र में जाने के लिए अब तक गरुड़चट्टी पुल और बैराज का रास्ता अपनाया जाता है। लेकिन, भविष्य में लोग लक्ष्मणझूला पुल पर हल्के वाहनों से आवाजाही कर सकेंगे। अब तक गरुड़चट्टी से लेकर बैराज पुल के बीच कोई हल्का वाहन पुल नहीं है। जबकि, गंगा पार यमकेश्वर प्रखंड के लोग चिकित्सा सुविधा को लेकर पूरी तरह ऋषिकेश पर निर्भर हैं। 

आपको बता दें पिछले दो वर्ष से पुल के निर्माण की कवायद जारी थी। डीपीआर तैयार करके इसे मंजूरी के लिए सीआरएफ (सेंट्रल रोड फंड) को भेजा गया था। करीब 69 करोड़ की लागत वाले इस पुल के निर्माण को सीआरएफ से मंजूरी मिल गई है। लक्ष्मणझूला पुल के दोनों प्रवेश द्वार केदारनाथ मंदिर की आकृति वाले होंगे। 123 मीटर लंबाई और आठ मीटर चौड़ाई वाले पुल के मध्य में डिवाइडर बनेगा। पुल के दोनों किनारे डेढ़-डेढ़ मीटर के होंगे और बीच का हिस्सा 05 मीटर का होगा। डेढ़ मीटर के हिस्से 65mm मोटे कांच की संरचना होगी, जिससे लोग चलते फिरते आसानी से गंगा नदी का लुफ्त उठा सके गए।