नशा मुक्ति केंद्र में युवती के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद इन केंद्रों को लेकर पुलिस की नजर टेढ़ी हो गई है। अनियमितता बरत रहे नशा मुक्ति केंद्रों पर शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है।

जगह-जगह खुले नशा मुक्ति केंद्रों की सटीक जानकारी अभी तक पुलिस और प्रशासन के पास नहीं है। ऐसे में इन केंद्रों की निगरानी भी नहीं हो पाती। मरीजों के साथ बर्ताव और व्यवस्था के बारे में पुलिस को पता तक नहीं चलता।नशा मुक्ति केंद्र में युवती के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद इन केंद्रों को लेकर पुलिस की नजर टेढ़ी हो गई है। अनियमितता बरत रहे नशा मुक्ति केंद्रों पर शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है। इसी क्रम में सोमवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डा. योगेंद्र सिंह रावत ने सभी थानाध्यक्षों को उनके क्षेत्र में चल रहे नशा मुक्ति केंद्रों की एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उन्हें प्रेषित करने का निर्देश दिया।


अब एसएसपी के इस कदम से पुलिस के पास हर केंद्र और वहां की व्यवस्था की जानकारी होगी। इससे उन पर नजर रखने के साथ नियंत्रण करना आसान होगा। एसएसपी ने रिपोर्ट तैयार करने के लिए 12 बिंदुओं का एक फार्मेट भी दिया है। इसके तहत रिपोर्ट में केंद्र के नाम के साथ उसके रजिस्ट्रेशन, वहां तैनात स्टाफ (चिकित्सक व अन्य), भर्ती मरीजों, लिए जा रहे शुल्क, कक्ष व बेड, सीसीटीवी, दैनिक रजिस्टर, शिकायत रजिस्टर का विवरण दर्ज करना होगा। साथ ही विजिटिंग चिकित्सक के भ्रमण संबंधी रजिस्टर और केंद्र की स्थिति पर सक्षम अधिकारी की टिप्पणी भी देनी होगी।