साधारण से कार्यों के लिए अपने ही लोगों को दे रही है प्रदेश सरकार पुरस्कार, इस बात के लिए प्रदेश सरकार को भी मिलना चाहिए केंद्र से पुरस्कार ।

यूं तो आज पुरस्कार राजनीतिक तरीकों से ही वितरित किए जाते हैं लेकिन ऐसे पुरस्कार जिनको किसी खास कार्य रूप में दिया जाता है, को मंत्रियों के परिजनों में बांट दिया जाय तो सन्देह पैदा होना स्वाभाविक है। इस बार तीलू रौतेली पुरस्कार लिस्ट में कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल की बेटी और भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश पदाधिकारी का नाम भी शामिल है। खैर, यह कोई बहुत बड़ी बात भी नही है क्योंकि भारत देश में नेता अपने पद उपयोग कर अपने बच्चों को शिक्षा में अच्छे अंक दिलवा देतें हैं, और फिर वही बेटा एक दिन पापा की बदौलत बिजनेसमैन भी बन जाता है।


कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल के मुताबिक उनकी बेटी क्षेत्र में जैविक मसालों का उत्पादन कर रही है। जंगली जानवर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐसे में उनकी बेटी ने पलायन रोकने के लिए इस दिशा में काम किया है। उसने कई युवाओं को इस काम से जोड़ा है। बैरहाल, अब मंत्री जी जब कह रहें है तो किया होगा। क्योंकि बाकी लोग तो झक मार रहें हैं जो खेती कर रहें हैं। जबकि भाजपा महिला मोर्चा की वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष अनुराधा को भी इस लिस्ट में जगह मिली है। अनुराधा का कहना है कि उन्होंने कोविड काल में कई लोगों की मदद की है। कोविड काल में पार्टी का आदेश था कि लोगों की मदद करनी है, इसके अलावा वह एनजीओ से भी जुड़ी हैं।  इस हिसाब से तो राज्य में कई लोग इस पुरस्कार के हकदार हैं, जिन्होंने कोरोना काल में दूसरों की मदद की है।

महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए जिन 22 महिलाओं के नामों की सूची जारी की गई है, उनमें कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल की बेटी दीपिका चुफाल व भाजपा महिला मोर्चा की वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष अनुराधा को सामाजिक एवं राजनैतिक क्षेत्र के लिए यह पुरस्कार दिया गया है। खैर, सरकार आपकी है तो पुरस्कार आपकी मर्जी से बटने ही चाहिए। अब कोई चाहे कुछ भी कहे, इससे क्या फर्क पड़ता है।