उत्तराखंड में 2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर घमासान मचा हुआ है। नेता टिकट बंटवारे में जगह बनाने के लिए हर सम्भव प्रयास कर रहे हैं। मझेदार बात ये है कि पांच साल पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए कुछ नेता दोबारा कांग्रेस से किस्मत आजमाना चाहते हैं। इन नामों में एक नाम हरक सिंह भी सुर्खियों में है। सूत्रों का कहना है कि अनुकृति गुसाईं लैंसडाउन विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है. जिसके बाद इस क्षेत्र से मौजूदा बीजेपी विधायक दिलीप रावत ने पलटवार कर दिया है। इस बात को लेकर दोनों को बीच गर्मागर्मी चल रही है।

दिलीप रावत ने हरक सिंह की बहू अनुकृति गुसाईं पर हमला बोला है। बीजेपी विधायक ने कहा कि उनके सामने कोई भी आ जाए कुछ नहीं होगा। विधायक दिलीप रावत ने कहा कि मैं अनुकृति गुसाईं को जानता तक नहीं हूं। बीजेपी विधायक ने यहां तक कह डाला कि मेरे सामने हरीश रावत आए या हरक सिंह या फिर अनुकृति... मुझे फर्क नहीं पड़ता।

आपको याद दिलवाना चाहिएँगे दिलीप रावत वही विधायक हैं जिन्होंने वन मंत्री हरक सिंह रावत के ड्रीम प्रोजेक्ट टाइगर सफारी पर सवाल उठा दिए थे। विधायक का कहना था कि पाखरो में टाइगर सफारी बनने के बाद कंडी मार्ग का खुलना नामुमकिन है।  अब यह तो आने वाला चुनावी परिणाम ही बताएगा कि किसके आने से किसको पड़ा फर्क। लेकिन भाजपा विधायकों के आत्मविश्वास से लग रहा है कि राज्य में वापसी की पूर्ण उम्मीद है। खैर, अब 2022 भी ज्यादा दूर नही है इसलिए यह कहना कि ये जीत रहा है और ये हार रहा ठीक नही होगा। निर्णय जनादेश से ही होगा, अगर चुनाव निष्पक्ष तरीकें से सम्पन्न करवाए जाएं।