"उजाड़ के गोर" नही चाहते पार्टी में। उजाडूओं के लिए भाजपा ही सही पार्टी- हरीश रावत ।

प्रदेश राजनीति में इन दिनों जो चल रहा है वह किसी से छुपा नही है। चुनावी दौर है तो नेता बरसाती मेंढक की तरह टरटराने लगते हैं। कुछ मेंढक पानी देखकर उसमें कूद पड़ते हैं तो कुछ जमीन के अंदर ही बैठे रह जाते हैं। यही हाल आज कल नेताओं का भी है। लम्बे समय उपेक्षित रहे विजय बहुगुणा को जब केंद्रीय नेतृत्व ने देहरादून भेजा तो विपक्षी दल ने तरह तरह के तंज कशने शुरू कर दिए। अब हरीश रावत तो यहां तक कह चुके हैं कि कम से कम विजय बहुगुणा को तो रोजगार मिला।

मीडिया से मुखातिब हुए हरीश रावत ने कहा कि अपने उजड़ते कुनबे को एकजुट करने पहुंचे विजय बहुगुणा को भाजपा में रोजगार मिल गया। साथ ही यह भी साफ हो गया कि भाजपा के अंदर बहुत जबर्दस्त गड़बड़ है। गड़बड़ को लेकर उनका शीर्ष नेतृत्व चिंतित है। हरीश रावत ने मजाकि अंदाज में कहा कि मैं चाहता हूं कि अधिकांश "ऊजाडू गोर या बल्द" उधर ही रहें जिससे आने वाले समय मे पार्टी और गर्त में जा सके।

हरीश रावत ने कहा कि विजय बहुगुणा के दलबदल कुकर्म के कारण भाजपा 2022 में उत्तराखंड में सरकार से बाहर जा रही है। बाहर जाने की शुरुआत बहुगुणा के दलबदल के कुकर्म से हुई है। यदि वो उधर नहीं होते तो इतने प्रचंड बहुमत के बाद वहां न ऐसी हड़बड़ी होती और न टूटफूट की संभावनाएं होती। हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस के मौजूदा राजनीतिक हालात वर्ष 2002 वाले हैं। 2002 के विधानसभा चुनाव में जब कांग्रेस उत्तराखंड में जीती तो फिर कांग्रेस की जीत का चक्र आरंभ हुआ। 2004 में कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर सरकार बनाने में सफल हुई।