HISTORY OF JAMMU & KASHMIR

पहाड़ समीक्षा (उत्तराखंड हिन्दी समाचार)



जम्मू कश्मीर राज्य का गठन 26 oct 1947 को किया गया था तथा इनके संविधान का गठन 17 Nov 1956 को किया गया जो की 26 जनवरी 1957 को लागू कर दिया गया था । जम्मू कश्मीर के स्थायी निवासी सिर्फ वही लोग थे जो 14 मई 1954 से पहले वहां बस चुके थे या उन्होंने वहां जमीन पर अपना अधिकार कर लिया था । 14 मई 1954 को तत्कालीन राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद और प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने अनुच्छेद 35A को लागू कर दिया था इसलिए जो लोग इससे पहले जम्मू कश्मीर जा चुके थे वही वहां के स्थायी निवासी माने गये ।

अनुच्छेद 35A (Article 35A) - यह अनुच्छेद केवल उन्ही नागरिकों को जम्मू कश्मीर का स्थायी निवासी मानता था जो 14 मई 1954 से पहले वहां मौजूद थे ।

अनुच्छेद 370 ( Article 370 part 21) - यह अनुच्छेद जम्मू कश्मीर को पाँच विशेष अधिकार देता था जो निम्न हैं -

1- विशेष राज्य का दर्जा
2- दोहरी नागरिकता
3- राज्य का अलग झण्डा
4- राज्य में स्थित अल्पसंख्यक को कोई आरक्षण नही
5- बाहरी व्यक्ति संम्पत्ति नही खरीद सकता
6- विधानसभा कार्यालय 6 वर्ष
7- अपना अलग संविधान
8- RTI लागू नही होती थी
*अनुच्छेद 370 के तीन भाग थे 370A,370 B,370 C.
370 A को 6 अगस्त 2019 को नही हटाया गया ।

* वर्ष 2019 में बीजेपी सरकार द्वारा " जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक" जो की राज्यसभा तथा लोकसभा में पास होने के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द द्वारा हस्ताक्षर कर 6 अगस्त 2019 को लागू कर दिया गया ।
इस विधेयक के तहत जम्मू कश्मीर राज्य को दो भागों में बांट दिया गया जिसमें जम्मू कश्मीर से लद्दाख को अलग कर दोनों को केंद्र शासित कर दिया गया ।

जम्मू कश्मीर विधानमण्डल को विधानसभा का अधिकार दिया गया है अर्थात इस राज्य में दिल्ली की तरह मुख्यमंत्री शासन होगा लेकिन राज्य के लिए बिल पास करवाने के लिए राष्ट्रपति की मंजूरी तथा कोई भी कानून लागू करने के लिए केंद्र की मंजूरी लेनी अनिवार्य होगी । जबकि लद्दाख में कोई विधानसभा नही होगी और लद्दाख का शासक उपराज्यपाल होगा ।

* लद्दाख को जम्मू कश्मीर से भौतिक कारण तथा राजनीतिक एवं प्रशासनिक करणों से अलग किया गया है । जम्मू कश्मीर राज्य से लद्दाख की दूरी अधिक होने के कारण राज्य सरकारों का ध्यान लद्दाख पर नही रहा और लद्दाख शिक्षा, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं से दूर होता चला गया । यही कारण है की लद्दाख को जम्मू कश्मीर से अलग कर दिया गया । लद्दाख जनसंख्या और क्षेत्रफल के आधार पर इतना बड़ा नही है की इसको अलग विधानसभा दी जाय अतैव यह उपराज्यपाल के अधीन केंद्र शासित कर दिया गया ।

जम्मू कश्मीर से लद्दाख को अलग करके अब भारत में कुल 9 केन्द्र शासित प्रदेश हैं इससे पूर्व 7 केंद्र शासित प्रदेश - पंडुचेरी, दिल्ली,अंडोमान निकोबार, दादर, नागर हवेली,चंडीगढ़ एवं दमन और द्वीप थे । अब जम्मू कश्मीर दिल्ली के बाद तीसरा विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश है और लद्दाख उपराज्यपाल शासित केंद्र शासित प्रदेश है ।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                     

 


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