महात्मा गांधी जी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

जन्म:- 2 अक्टूबर 1869 (पोरबंदर ,गुजरात)
पूरा नाम :- मोहनदास करमचंद गांधी
पिता का नाम :- दीवान करमचंद गांधी
माता का नाम :- पुतलीबाई

विवाह:- 13 वर्ष पूर्ण व 14 वें में प्रवेश उपरांत गांधी जी का विवाह उनसे एक साल बड़ी कस्तूरबा माखन्ची से 1883 में हुआ । गांधी जी अपनी पत्नी को प्यार से "बा" पुकारते थे ।

महत्वपूर्ण तथ्य:-
★2 अक्टूबर को विश्व अहिंसा दिवस गांधी जी के जन्म दिन पर ही मनाया जाता है । क्योंकि गांधी जी ने किसी भी आंदोलन में हिंसा को नही अपनाया । हाँ बस एक आन्दोलन ऐसा है जिसमें गांधी जी का सब्र जवाब दे गया था ।
★9 जनवरी को NRI day या प्रवासी दिवस के रूप में मनाया जाता है क्योंकि इस दिन गांधी जी अफ्रीका को हमेशा के लिए छोड़ कर भारत आये और भारत की स्वतंत्रता के लिए अतुल्नीय योगदान दिया तो उनके इस योगदान को याद करने के लिए NRI day मनाया जाता है ।

शिक्षा :-
★ 1888 में लन्दन वकालत पढ़ने गये तथा वहाँ से लौटकर पुनः 1893 में साउथ अफ्रीका गये ।

आन्दोलनों का दौर:-
★ साउथ अफ्रीका में रहते हुए एक दिन उनको प्रथम श्रेणी के रेल डिब्बे से उनके भारतीय होने को वजह से पिटरमेरिटज़बर्ग स्टेशन पर उतार दिया । उस वक्त साउथ अफ्रीका में किसी भी भारतीय को प्रथम श्रेणी डिब्बे में रेलयात्रा करने का अधिकार नही था तथा रंग के भेदभाव भी था जिस वजह से भारतीयों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता था । इसी से आहत होकर गांधी जी ने साउथ अफ्रीका में "सत्याग्रह" आंदोलन किया था तथा 1908 में पहली बार जेल भी गये थे ।

"9 जनवरी 1915 को गांधी जी हमेशा के लिए भारत वापस आये और इस दिन को NRI day के रूप में मनाया जाता है"

★ 1917 में पहली बार बिहार के चम्पारण में सत्याग्रह किया तथा अहमदाबाद में साबरमती के किनारे सत्याग्रह आश्रम का निर्माण भी किया ।
★ 1918 में पहली बार अहमदाबाद के मील वर्करों और उनके मालिकों के बीच समझते के लिए अनशन किया ।
★ 1918 में ही दो साप्ताहिक समाचार पत्रों की शुरुवात की जिसमे एक यंग इंडिया (अंग्रेजी में) व दूसरा नवजीवन ( गुजराती में) था ।
★ 1919 में जलियांवाला बाग कांड( जहां लोग रोलेट एक्ट के विरोध में उपस्थित हुए थे एक अंग्रेज जनरल डायर ने अकारण गोली चला दी जिसमें 388 लोगों मारे गये व 2000 से अधिक घायल हुए ) हुआ और गांधी जी इससे बहुत आहत हुए ।
★ 1920 में गांधी जी ने जलियांवाला बाग कांड से हतास होकर "केसर ए हिन्द" सम्मान जो की अंग्रेजो ने ब्रिटिश सरकार की वफादारी के लिए दिया था को लौटा दिया । तथा रोलेट एक्ट 1919 ( जो की भारतीय क्रांतिकारियों के खिलाफ कार्यवाही के लिए हाई कोर्ट के न्यायाधीश रोलेट ने पारित किया था) के खिलाफ "असहयोग आंदोलन" की शुरुवात कर दी । गांधी जलियावालाबाग कांड से इतने आहत हुए की उन्होंने अंगेजो को किसी भी प्रकार का सहयोग देने से साफ साफ मना कर दिया ।
★ 1922 में चौरी चौरा कांड ( जो की उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के पास हुआ ) में स्थानीय लोगों ने 21 पुलिस वालों को जिंदा जला दिया । गांधी जी हिंसा के बहुत खिलाफ थे जिस वजह से उन्हें असहयोग आंदोलन रोकना पड़ा ।
★ 1924 में बेलगांव कर्नाटक अधिवेशन में मात्र एक बार कांग्रेस के अध्यक्ष बने थे गांधी जी और 1947 में गांधी जी ने ही कांग्रेस को राष्ट्रीय पार्टी से हटाने की बात भी की थी ।
★ 12 मार्च 1930 को गांधी जी डांडी यात्रा ( 24 दिन की पैदल यात्रा अपने 78 अनुयायियों के साथ ) कर 6 अप्रैल को  328 किमी. चलकर डांडी पहुंचे और वहाँ पहुंचकर खुद से नमक बनाया और अंग्रेजो के नमक कानून को " सविनय अवज्ञा आंदोलन" से तोड़ दिया । इस आंदोलन से अंग्रेज घबरा गये और उन्होंने 60 हजार लोगों को जेलों में डाल दिया और अनेकों लोग इस आंदोलन में मारे गये ।
★ 5 मार्च 1931 को एक समझौता हुआ जिसको "गांधी- इरविन समझौता" नाम दिया गया । क्योंकि यह समझौता गांधी जी व लार्ड इरविन तत्काल के वायसराय के बीच हुआ था । इस समझौते में इरविन ने सविनय अवज्ञा आंदोलन को खत्म करने व ब्रिटिश सामन के बहिस्कार पर रोक के बदले में 60 हजार लोगों की रिहाई व नमक खुद से बनाने की अनुमति शामिल थी । इसके बाद 7 अप्रैल 1934 को गांधी जी ने सविनय अवज्ञा आन्दोलन पूर्ण रूप से बन्द कर दिया था ।
★ 1932 में गांधी जी ने ऑल इंडिया हरिजन समाज की स्थापना की । ऐसा इस लिए करना पड़ा क्योंकि sc/st जाती के लोगों के साथ स्वर्ण जाती के लोग छुवाछुत व भेदभाव करते थे जिससे आहत हो गांधी जी ने इस समाज को "हरिजन" नाम दे दिया । हरिजन का मतलब होता है हरि के जन या ईश्वर के पुत्र ।
★ 1933 में गांधी जी ने एक और समाचार पत्र "हरिजन" का प्रकाशन भी करवाया ।
★ 1942 में गांधी जी ने भारत छोड़ो आन्दोलन की शुरुवात की और "करो या मरो" का नारा दिया । यही वो एक आन्दोलन है जब गांधी जी अंग्रेजो के अत्याचारों से इतने परेशान हो गये की उन्होंने अहिंसा को छोड़ देश की जनता को "करो या मरो" का नारा दिया । उनके इस नारे को देश का साथ मिला और अंग्रेज खौफ में आ गये ।
★ 1942 में ही एक अंग्रेज क्रिप्स भारत आया और उसने खौफ से उफरने के लिए गांधी जी आगे एक प्रस्ताव रखा जिसको " क्रिप्स प्रस्ताव" कहा जाता है लेकिन गांधी जी ने उसके प्रस्ताव को " पोस्ट डेटेड चैक" कहा था ।

★ 30 जनवरी 1948 को लिल्ली में 5 बज कर 17 मिनट पर नाथूराम गौड़से ने इटालियन पिस्टल से गोली मारकर हत्या कर दी । जिस कारण 4 फरवरी 1948 को RSS पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया था ।

★ विस्टन चर्चिल ( ब्रिटिश सेना का बड़ा अधिकारी व बाद में 1940 से 1945 और 1951 से 1955 तक ब्रिटेन का प्रधानमंत्री) ने गांधी को अर्धनग्न फकीर कहा था ।
★ गांधी जी ने ही सुभाषचंद्र बोस को राष्ट्रभक्त कहा था ।
★ रवींद्रनाथ टैगोर को गुरुदेव का नाम भी गांधी जी ने ही दिया था ।
★ गांधी जी को टैगोर "महात्मा" कहा करते थे जिस वजह से गांधी जी के नाम के आगे महात्मा लगा ।