उत्तराखंड, देहरादून से लगभग 8 से 10 किलोमीटर दूर स्थित है। गुच्चू पानी (रॉबर्स केव) की रचनात्मक थोड़ी सी डरावनी है। लेकिन पर्यटन के लिहाज से इस स्थान ने अपनी अच्छी खासी पहचान बना ली है । हर साल देश के विभिन्न राज्यों से लोग यहां आते हैं और इस प्रकृतिक संरचना का आनन्द उठाते हैं । छुटियों में देहरादून के लोग अक्सर यहाँ जाते रहते हैं । आईए जानते है गुच्चू पानी की पूरी कहानी क्या है ?


यह अद्भुत गुफा है लगभग 650 मीटर लंबी और काफी सँकरी होने के साथ साथ बेहद डरावनी व रहस्यपूर्ण भी है। कहा जाता है कि अंग्रेज शासन में जब डकैत, डकैती करके आते थे तो इसी गुफा में आकर छुप जाते थे।जहां किसी को शक भी नही होता था दूसरी गुफा डरावनी होने से कोई वहां जाता भी नही था । सबसे बड़ी बात यह थी कि यहां तक अंगेजो की सेना पहुंचती ही नही थी । क्योंकि यहां तक पहुंचने के रास्ते रहस्यपूर्ण थे। अतैव डकैत, डकैती का सामान और खुद यहां से बच निकलने में कामयाब हो जाते थे । लेकिन आज यह रहस्यमयी गुफा लोगों के लिए मनोरंजन का साधन बनी हुई है। काफी संख्या में दूर-दूर से यहां पर पर्यटक आते हैं और इस गुफा में बहते झरने का लुफ्त उठाते हैं । यहां लोग स्नान करने से आनंद के साथ साथ गर्मी से भी राहत पाते हैं। इस गुफा के चारों तरफ से पानी की धाराएं निकलती है और यह पानी इतना साफ और स्वच्छ है कि पानी की सतह पर एक एक पत्थर ऐसे आलौकिक होता है मानो प्रकृति ने कोई कलाकारी ऊखेरी हो । यहां पर पर्यटकों को हर प्रकार की सुविधा मिल जाती है । खान पान से लेकर मनोरंजन के अन्य संसाधन भी उपलब्ध हैं । आपको बता दें इस गुफा में पानी का बहाव तेज है और साथ ही एक जगह पर तो काफी तेजी से पानी गिरता है । कई बार बच्चे सेल्फी लेने के चक्कर में या किसी अन्य भूलवश काल के गाल में समा जाते हैं । अतैव जब भी आप यहां का लुफ्त लेने जाए सावधानी का खासा ध्यान रखें । उत्साहित पर्यटकों के लिए झरने से गिरता पानी ही आनंद व रोमांच का सबसे अहम हिस्सा होता हैं। यह झरना लगभग 10 से 15 मीटर की ऊंचाई से गिरने वाला झरना है जो बेहद ही अद्भुत दिखता है। देहरादून से बस इत्यादि सेवाओं से यहां तक पहुंचा जा सकता है । सहस्रधारा व गुच्चू पाणी एक दूसरे से महज 5 से 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं । तस्वीरों से गुच्चू पाणी का दृश्य निहारें और गुच्चू पाणी पधारें ।