★ उत्तराखंड के पूर्व दशकों  के तुलना में लिंगानुपात में सर्वाधिक वृद्धि "चम्पावत" में हुई है ।

★ इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद फॉर ड्रग एंड रिसर्च "रानीखेत" में स्थित है ।

★ देव संस्कृति विश्वविद्यालय "शान्तिकुञ्ज" संस्था द्वारा खोला गया है ।

★ विरही गंगा के अवरुद्ध होने से बनी "गौना झील" 62 वर्षो तक रही ।

★ टिहरी बाँध "भागीरथी" नदी पर स्थित है ।

★ "मझकुमैया" कुमाऊँ और गढ़वाली भाषा का मिला जुला रूप है ।

★ ॐ पर्वत " मालपा - मानसरोवर मार्ग" पर स्थित है ।

★ हेमवतीनंदन बहुगुणा को "धरती पुत्र" भी कहा जाता है ।

★ गढ़वाल की झांसी की रानी "तीलू रौतेली" को कहा जाता है ।

★ राज्य में सर्वाधिक वर्षा "नरेंद्रनगर" में होती है ।

★ उत्तराखंड में प्रतिवर्ष 150 से 200 सेमी. वर्षा होती है ।

★ देहरादून में रेलवे की सुरवात 1990 में हुई थी ।

★ नौना-सैनी ऐसोड्रम "पिथौरागढ़" में स्थित है ।

★ सर्वाधिक साक्षरता वाला जिला "देहरादून" है ।

★ राज्य का सबसे छोटा जिला "बागेश्वर" है ।

★ 2011 की जनगणना के अनुसार राज्य की जनसंख्या "1,01,16,752" थी ।

★ राज्य में साक्षर महिलाओं की संख्या "30,67,259" थी ।

★ सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान "गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान" 1552 वर्ग किमी में फैला हुआ है ।

★ राज्य लिंगानुपात 963/1000 है ।

★ गढ़वाल क्षेत्र का पहला समाचार पत्र वर्ष 1909 में प्रकाशित हुआ ।

★ राज्य में सिनेमाघरों की कुल संख्या "77" है ।

★ मिलाम एक ग्लेशियर है ।

★ क्षेत्रफल की दृष्टि से उत्तराखंड भारत का 18वां राज्य है और गठन के अनुसार 27वां ।

★ उत्तराखंड का क्षेत्रफल भारत के कुल क्षेत्रफल का "1.66%" है ।

★ झगुल कोट "कुमाऊँ के बच्चों" द्वारा पहना जाता है ।

★ देहरादून जनपद में अधिक संख्या "जौनसार" के लोगों की है ।

★ कवि चित्रकार मोलाराम चित्रकला की "गढ़वाल" शैली के लिए प्रसिद्ध हैं ।

★ राज्य में दारमा व व्यास घाटियों को जोड़ने वाला दर्रा "सिनला" दर्रा है ।

★ उत्तराखंड के सभी जनपदों में "ई डिस्ट्रिक्ट योजना" लागू करने का निर्माण लिया था ।

★ जोशीमठ-औली रोप वे "सितम्बर 1993" में शुरू कर दिया गया था ।

★ कुमाऊँ रेजीमेंट का मुख्यालय"रानीखेत" में स्थित है तथा स्थापना 1945 में हुई ।

★ गढ़वाल रेजिमेंट का मुख्यालय लैंसीडोन,पौड़ी में स्थित है तथा स्थापना 1887 में हुई ।

★ भागीरथी व अलकनंदा को सास व बहु के रूप में भी जाना जाता है ।

★ लौंग और भैलो नृत्य "गढ़वाल" का प्रचलन है ।

★अस्कोट वन्यजीव अभ्यारण पिठौरागढ़ में स्थित है ।

★ कुमाऊँ का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी- कालू महरा

★ विंटर लाइन - मसूरी

★राज्य में 108 सेवा वर्ष 2008 से लागू ।

★आयुष ग्राम का सम्बंध - आयुर्वेदिक शिक्षा से है ।

★ पौंणा नृत्य - भोटिया जाती के लोग ।

★उत्तराखंड ग्रामीण बैंक- 30 जून 2006 मे गंगा यमुना ग्रामीण बैंक, अलकनन्दा ग्रामीण बैंक व पिथौरागढ़ क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक तथा 1 नवम्बर 2012 में नैनीताल अल्मोड़ा ग्रामीण बैंक के साथ विलय कर 1 नवम्बर 2012 को बनाया गया ।

★ कागज का सबसे बड़ा कारखाना- लालकुआं

★ कुल जनपद जिनमें रेलपथ है - 6 तथा ऋषिकेश -कर्णप्रयाग निर्माणाधीन है लेख लिखे जाने तक ।

★ काली कुमाऊँ का सेर- हर्ष देव ओली( कुली उतार, बरदायश, कुली बेगार इत्यादि आंदोलन)

★ हरिद्वार जनपद की स्थापना- 1988

★ सर्वाधिक खुले वन पौड़ी में पाए जाते हैं।

★ कुमाऊँ परिषद की स्थापना 1906 में व 1926 में कांग्रेस में विलयिकरण ।

उत्तराखंड के दर्रे :-
पिथौरागढ़-तिब्बत :- लिपुलेख व दारमा
उत्तरकाशी-तिब्बत :- थांगला, मुलिंगला, नेलांग, सागचोकला
चमोली-पिथौरागढ़ :- बारहोती, मार्चयोग, टोपिढुंगा, लातुधुरा
चमोली:- नीति, किंगरी-विंगरी, माणा- डूंगरीला, लमलंग, शलशला, तन्जून बालचा,चोरीहोती ।
बागेश्वर-पिथौरागढ़ :- ट्रेलपास
बागेश्वर-चमोली :- सुन्दरढूंगा
रकाशी-चमोली :- कालिंदी
चम्पावत-पिथौरागढ़ :- लासपा
दारमा-व्यास घाटी :- सिनला
उत्तरकाशी-हिमांचल :- श्रीगकण्ठ

उत्तराखंड की प्रमुख पुस्तकें

1. मेम्बेर्स ऑफ़ देहरादून (1874) – जी. आर. जी. विलियम्स
2. हिमालयन डिस्ट्रिक्ट गजेटियर – ए. एफ. टी. एटकिन्सन
3. होली हिमालय – ई. सेरमन ओकले
4. गढ़वाल गजेटियर्स – एच. जी. वाल्टन
5. देहरादून का गजेटियर (हिंदी अनुवाद) – प्रकाश थपलियाल
6. ब्रिटिश गढ़वाल गजेटियर – एच. जी. वाल्टन
7. अल्मोड़ा गजेटियर – एच. जी. वाल्टन
8. हिमालयन ट्रेवल्स – जोध सिंह नेगी
9. हिमालयन फोकलोर–  तारादत्त गैरोला
10. हिमालय की यात्रा – काका साहब कालेलकर
11. हिमालय परिचय – राहुल सांकृत्यायन
12. कुमाऊं– राहुल सांकृत्यायन
13. उत्तराखंड के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी -डॉक्टर धर्मपाल सिंह मनराल
14. गढवाल की दिवंगत विभूतियां – भक्त दर्शन
15. मध्य हिमालय का पुरातत्व– डॉ यशवंत सिंह कठौच
16. गढ़वाल पेंटिंग ­- बैरिस्टर मुकुंदी लाल
रुद्रप्रयाग का आदमखोर बाघ – जिम कार्बेट
17. आर्यों का मूल स्थान : मध्य हिमालय – भजन सिंह
18. उत्तराखंड में कुली बेगार प्रथा  –  डॉक्टर शेखर पाठक
19. ब्रिटिश कुमाऊँ गढ़वाल – डॉ आर. एस. टोलिया
20. उत्तराखंड की विभूतियाँ – शक्ति प्रसाद सकलानी
21. मध्य हिमालय की कला – डाक्टर यशवंत सिंह कठौच
22. हिल डायलेक्ट्स ऑफ़ द कुमाऊ डिवीज़न – गंगा दत्त उप्रेती
23. कुमाऊं की चित्रकला – डॉ यशोधर मठपाल
24. सेंट्रल हिमालया – डॉ एम. एस. एस. रावत
25. नैनीताल समाचार 25 साल का सफर – नैनीताल समाचार टीम
26. डिस्कवरी राजाजी–अंजली रवि व पाण्डेय
27. द बॉय फ्रॉम लम्बता – एन. एस. थापा
28. उत्तराखंड संस्कृति–  जसवंत सिंह कठौच
29. उत्तराखंड समग्र ज्ञानकोश–  डॉ. राजेंद्र बलोदी
30. लोनली फिरोज ऑफ़ द बॉर्डर लेंड– कल्याण सिंह पांगती
31. मेघदूत का गढ़वाली में रूपांतरण– आचार्य धर्मानन्द
32. गीता का गढ़वाली अनुवाद-पंडित उमादत्त नैथाणी, नंदकिशोर ढौंडियाल व आदित्य राम
33. गढ़वाली हिंदी शब्दकोश– अरविंद पुरोहित व बीना बेंजवाल
34. गढ़वाली व्याकरण की रूपरेखा – अबोध बन्धु बहुगुणा
35. हिमालय की खश – डॉ. डी. डी. शर्मा
36. हिमालय का महाकुंभ : नन्दा राजजात – रमेश पोखरियाल
37. भीड़ साक्षी है : स्पर्श गंगा– रमेश पोखरियाल ‘निशंक’
38. एशिया की पीठ पर– प्रो. शेखर पाठक एवं प्रो. उमा भट्ट
39. कुमाऊं का इतिहास –   बद्रीदत्त पांडे
40. गढ़वाल का इतिहास –  हरिकृष्ण रतूड़ी
41. उत्तराखंड का इतिहास –    डॉक्टर शिवप्रसाद डबराल
42. हिमालय का इतिहास  –    डॉक्टर मदन चंद्र भट्ट
43. उत्तराखंड का नवीन इतिहास – डॉ यशवंत सिंह कठौच
44. हिस्ट्री ऑफ़ गढ़वाल – डॉ अजय रावत
45. उत्तराखंड राज्य निर्माण का संक्षिप्त इतिहास -केदार सिंह फोनिया
46. दून एवं उसके आर्किटेक्ट – देवकी नंदन पांडे
47. मसूरी मेडले – प्रो. गणेश शैली