उत्तराखंड की परम्परागत कथाएँ/ लोक कथाएँ जितनी सहज है उससे कई गुना रोचक हैं । इस कथाओं के पात्र असल जिंदगी के हिरो हीरोइन थे जिन्होंने अपने जीवन काल में ऐसी ऐसी कृतियों को जन्म दिया जो उत्तराखंड की आने वाली पीढ़ियों के लिए कथा रूप में प्रेरणा स्त्रोत बन गयी । इन कथाओं को लिखित रूप देने वाले लेखकों ने अपने शब्दों से इन कथाओं में चार चाँद लगा दिए, जिस कारण इनको पढ़ने की जिज्ञासा बनी रहती है । उत्तराखंड के इतिहास में बहुत सी रोचक कहानियाँ/ कथाएँ हैं जिन्होंने न सिर्फ आदर्श स्थापित किया बल्कि इतिहास भी रच दिया । उन से पहले और उनके बाद फिर वैसी घटना हुई ही नही जिस कारण वह लोग आदर्श रूप में उत्तराखंड की गाथाओं/कथाओं का मूल पात्र बनकर चिरंजीवी हो गये ।

ऐसी ही रोचक कथाओं के लिए इस पेज पर बने रहिए और वेबसाइट पर दिये गये सब्सक्रिप्शन ऑप्शन में अपनी ईमेल डालकर सब्सक्राइब भी कर लीजिए जिससे आपको आने वाली हर कथा स्वतः ही ईमेल पर प्राप्त हो सके । उत्तराखंड का समस्त इतिहास भी भारतीय इतिहास काल की तरह ही तीन चरणों में बंटा हुआ है । प्रागैतिहासिक, मध्य ऐहिहासिक और ऐहिहासिक काल । इन कालों के आधार पर घटित घटनाओं को इस पेज पर पाठकों के समाने रखा जाता है ।


READ THE FOLLOWING FOLKLORE OF UTTARAKHAND HISTORY:-

1-सदेई (भ्रातृ प्रेम कथा)

2-"राधिका" एक त्याग की गाथा 

3-"जीरी झमको" लोक गाथा 

4-गोरीधना (भ्रातृ प्रेम) लोककथा 

5-"सरू" लोक गाथा

6-गज्जू-मलारी प्रेम लोकगाथा

7-तिलोगा तड़ियाली लोकगाथा

8-तीलू रौतेली लोकगाथा 

9-सरू कुमैण लोकगाथा 

10-त्रिमल चंद लोकगाथा

11-जसी की लोकमानस गाथा

12-गजेसिंह लोकगाथा

13-मानी-कंपासी लोकगाथा 

14-देवकी एक लोकगाथा

15-मोतिया-गंगा लोकगाथा

16-रतनुवां और पाँजा लोकगाथा

17-रामी बौराणी लोकगाथा

18- मलेथा की कूल (नहर)

19-माधोसिंह भंडारी लोकगाथा

20- जीतू बगड्वाल लोकगाथा