राज्य - भारत के राज्यों की अपनी चुनी सरकार होती है तथा इनके पास कानून बनाने एवम उसमे संसोधन करने के अपने अधिकार होते है ।

केंद्र शासित प्रदेश - केंद्र शासित प्रदेश में सीधे सीधे केंद्र सरकार की पकड़ होती है तथा ऐसे राज्यों में कानून केंद्र से ही संचालित होते हैं ।

* केंद्र शासित प्रदेश की अपनी विधनसभा और मंत्रिपरिषद हो भी सकता है और नही भी हो सकता है । पांडुचेरी और दिल्ली दो ऐसे केंद्र शासित प्रदेश हैं जिनके अपने मुख्यमंत्री भी हैं और मंत्रिमंडल भी । हाल में 05 अगस्त 2019 को जम्मू कश्मीर लद्दाख से अलग होकर तीसरा ऐसा केंद्र शासित प्रदेश बन गया है जिसका अपना मुख्यमंत्री होगा ।

* सभी केंद्र शासित प्रदेशों में संचालन के लिए भारत का राष्ट्रपति प्रशासक या फिर लेफ्टिनेंट गवर्नर की नियुक्ति करता है । अंडोमान निकोबार, दिल्ली, पांडुचेरी एवं लद्दाख ऐसे केंद्र शासित प्रदेश हैं जिनके एडमिनिस्ट्रेटर (प्रशासक) लफ्टेनेंट गवर्नर(LG) हैं तथा चंडीगढ़, दादर-नगर हवेली, दमन और द्वीप और लक्षद्वीप में प्रशासक होते हैं ।

* केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा वाले राज्यों को कुछ ही मामलों में अपने अधिकार होते हैं । ऐसे राज्य को बिल पास करने के लिए राष्ट्रपति की मंजूरी लेनी होती है तथा कुछ खास कानून बनाने के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी भी लेनी पड़ती है ।

केन्द्र शासित प्रदेशों के बनने के कारण :-

किसी भी प्रदेश को केंद्र शासित बनाने की तीन स्थितियां होती है या तीन में कोई एक स्थिति भी हो सकती है :-

1- भौतिक कारण :- ऐसे स्थान जो दूसरे राज्यों से बहुत दूर स्थित हों लेकिन देश का हिस्सा हों । जनसंख्या और क्षेत्रफल के हिसाब से ये इतने छोटे होते हैं कि इनको अलग राज्य का दर्जा नही दिया जा सकता इसलिए इनको केंद्र शासित कर दिया जाता है हाल में ही जम्मू कश्मीर से अलग हुआ लद्दाख इसका एक उदाहरण है ।

2- सांस्कृतिक कारण :- कई बार किसी जगह की खास सांस्कृतिक पहचान होती है जिसको जिंदा रखने के लिए उसको केंद्र शासित करना पड़ता है । दमन और द्वीप, दादर, नगर हवेली और पांडुचेरी इसके उदाहरण हैं । यहां लम्बे समय तक पुर्तगाल और फ्रांस का राज था इसलिए यहाँ की संस्कृतिउनसे मेल खाती है ।

3- राजनीतिक और प्रशासनिक कारण :- सन 1956 से 1991 तक दिल्ली पूर्ण शासित प्रदेश ही था लेकिन सन 1991 में 69वें सँविधान संसोधन में दिल्ली को national capital territory का दर्जा हासिल हुआ औऱ उसका पांडुचेरी की तरह अपना मंत्रिमंडल स्थापित हो गया । इसी तरह सन 1966 में पंजाब और हरियाणा अलग हुए और हरियाणा ने चंडीगढ़ पर अपनी राजधानी का दावा किया जो की पहले से पंजाब की राजधानी थी ऐसे में चंडीगढ़ को केंद्र शासित कर दोनों राज्यों की राजधानी बना दिया गया ।

भारत में कुल नौ केंद्र शासित प्रदेश हैं -
1-पांडुचेरी (विधानसभा)
2- दिल्ली (विधानसभा)
3- जम्मू कश्मीर ( विधानसभा)
4- अंडोमान निकोबार
5- लक्षद्वीप
6- दादर-नागर हवेली
7- चंडीगढ़
8- दमनऔर द्वीप
9- लद्दाख